अंबाला सिटी। डेंगू के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। विभाग की ओर से लारवा की जांच की जा रही है। शहर और छावनी में 28 घरों को विभाग की ओर से लारवा के नोटिस दिए हैं। अभी विभाग की ओर से चालान नहीं काटे जा रहे हैं। लोगों को चेतावनी दी जा रही है।
नगर निगम को भी फाेगिंग करने के लिए पत्र लिखा है। हालांकि अभी तक नगर निगम ने इसके लिए कोई खास कदम नहीं उठाए हैं। फोगिंग मशीनें भी जस की तस रखी हैं। वह चलती भी हैं या नहीं इसका अभी पता नहीं है। हालांकि बारिश आने में अब कुछ ही समय रह गया है ऐसे में इससे पहले नगर निगम को तैयारी करनी होगी।
पिछले साल आए थे 551 मामले
डॉ. सुनील हरि ने बताया कि अभी मच्छरों की संख्या तो बढ़ रही है। लेकिन लारवा अधिक पनपना शुरू नहीं हुआ है। बारिश के बाद घरों में लारवा मिलने पर चालान काटे जाएंगे। बीते पांच वर्षों के आंकड़ों को देखे तो वर्ष 2019 में 259, 2020 में 42, 2021 में 686, 2022 में 584 और 2023 में 551 मामले सामने आ चुके है।अभी तक जिले में डेंगू का कोई मामला सामने नहीं आया है।विभाग ने 300 से अधिक तालाबों में गंबुजियां मछलियां भी डलवाई हैं। इससे समय रहते ही लारवा को समाप्त किया जा सके।विभाग ने टायरों की दुकानों और कबाड़ी का काम करने वाले स्थानाें पर भी निशानदेही कि जा रही है। इन जगहों पर डेंगू के लारवा को पनपने के लिए प्रर्याप्त माहौल मिलता है।
फाॅगिंग के लिए 200 लीटर दवा उपलब्ध
स्वास्थ्य विभाग के पास विभिन्न क्षेत्रों में फोगिंग करने के लिए 200 लीटर दवा उपलब्ध है। सवा लीटर दवा के साथ 19 लीटर डीजल को मिलाकर फोगिंग कि जाती है।फागिंग के लिए नगर निगम को भी पत्र लिखा जा चुका है। हालांकि अभी तक निगम ने फागिंग शुरू नहीं की है।
साफ पानी में पनपता है लारवा : डॉ. सुनील
डॉ. सुनील हरि ने बताया कि मच्छरों को पनपने के बाद समाप्त करने से बेहतर है उसे लारवा के दौरान ही समाप्त किया जाए।उन्होंने कहा कि हमारे घरों में मौजूद फ्रिज की ट्रे और कूलर आदि में पानी इकट्ठा न होने दें उसे नियमित तौर पर साफ करें। लारवा को समाप्त करने पर ही डेंगू पर जीत हासिल हो सकती है। यह मच्छर साफ पानी में ही पनपता है।
घरों के बाहर जांच करते हुए स्वास्थय अधिकारी। संवाद