अंबाला सिटी। भारतीय चुनाव आयोग की ओर से देश के सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों और रजिस्टर्ड अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के संबंध में एक नई अधिसूचना जारी की है।
इसमें अंबाला में चार पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के मुख्यालय पंजीकृत हैं। इनमें सर्वप्रथम हरियाणा डेमोक्रेटिक फ्रंट (एचडीएफ) का नाम है। इसका मुख्यालय मथुरा नगरी अंबाला शहर में दर्शाया है। हरियाणा जन चेतना पार्टी हजपा (वी) का नाम उक्त दलों की सूची में क्रमाक 966 पर है। इसका मुख्यालय सर्कुलर रोड, मॉडल टाउन, अंबाला शहर दर्शाया है। इसी प्रकार क्रमांक 1797 पर अंबाला कैंट के अंतर्गत पड़ने वाले गांव बिहटा में पथिक स्वराज पार्टी का मुख्यालय पंजीकृत है।
नारायणगढ़ उपमंडल के शहजादपुर में राष्ट्रीय आजाद मंच के नाम से भी एक ऐसा दल रजिस्टर्ड है जो क्रमांक 2008 पर है। शहर के सेक्टर 7 निवासी अधिवक्ता हेमंत कुमार ने बताया कि इस समय देश में कुल 6 मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय दल और 60 मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय दल हैं जबकि जहां तक रजिस्टर्ड अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों का विषय है,तो उनकी मौजूदा संख्या 2764 है। इस बार आयोग द्वारा 2764 रजिस्टर्ड अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की सूची के साथ अलग से 282 पंजीकृत अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों का नाम भी शामिल किए हैं जिन्हें इस सूची से हटा दिया गया है।
नवंबर 2019 में बना था एचडीएफ
अक्तूबर, 2019 में हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की टिकट न मिलने पर नवंबर 2019 में हरियाणा सरकार के पूर्व मंत्री निर्मल सिंह और उनकी बेटी चित्रा सरवारा ने हरियाणा डेमोक्रेटिक फ्रंट बनाया था। जो आज भी चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में पंजीकृत अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दल है। वहीं, शहर से दो बार विधायक रह चुके और प्रदेश सरकार और केंद्र के पूर्व मंत्री रहे विनोद शर्मा और मौजूदा नगर निगम मेयर शक्ति रानी शर्मा की ओर से करीब 10 वर्ष पूर्व 2014 में हरियाणा जन चेतना पार्टी- हजपा (वी) की स्थापना की गई।
इन दलों को चुनाव चिह्न आरक्षित नहीं
अधिवक्ता हेमंत ने बताया कि इन चारों राजनैतिक दलों का आयोग द्वारा आज तक उनके लिए कोई भी चुनाव चिन्ह आरक्षित नहीं किया गया है।दिसंबर, 2020 में अंबाला नगर निगम चुनावों में हजपा (वी) के उम्मीदवारों को गैस सिलेंडर जबकि एचडीएफ के प्रत्याशियों को कप प्लेट का चुनाव चिह्न जारी किया गया था, जो हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश पर किया गया । मगर इन दोनों दलों का इन चुनाव चिह्नाें पर कोई कानूनी अधिकार नहीं है। गैस सिलेंडर चुनाव आयोग की सूची में फ्री- सिंबल ( मुक्त चुनाव चिन्ह) है। जबकि कप-प्लेट उत्तर प्रदेश में अपना दल (सोनेलाल) नामक क्षेत्रीय दल का आरक्षित चुनाव चिन्ह है।