संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। बहुत बड़ी हैरानी है कि पंजाब सरकार ने नोटिस जारी किया कि हमारी सीमा में ड्रोन मत भेजो, क्या यह हिंदुस्तान-पाकिस्तान हो गया। अगर हमारी पुलिस को मारकर कोई पंजाब में भाग जाएगा तो क्या हम उसके पीछे जाकर उसे पकड़ नहीं सकते’। यह प्रतिक्रिया हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने किसानों के मुद्दे पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी।
विज ने कहा कि जब अमृतसर से यह जत्थे (किसान) चले तो पंजाब सरकार ने इन्हें रास्ते में एक भी जगह रोकने की कोशिश नहीं की। इसका मतलब तो यह है कि यह दिल्ली को दहलाना चाहते हैं, क्या यह दोबारा चाहते हैं कि दिल्ली के लाल किले में जाकर अपमानित किया जाए।
वहीं शंभु बार्डर पर जुटे किसानों पर गृह मंत्री ने कहा कि किसान कहते हैं कि हमें दिल्ली जाना है, दिल्ली इन्होंने किस लिए जाना है, जिनसे इन्होंने दिल्ली में बातचीत करनी है, जब वह सारे मंत्री व अधिकारी चंडीगढ़ आ गए तो आपने बात नहीं की। इनका मकसद कुछ और है। किसानों व पुलिस के बीच हुए पथराव के संबंध में गृह मंत्री ने कहा कि हरियाणा पुलिस के एक डीएसपी व 25 पुलिस कर्मी घायल हुए है और एक न्यूज चैनल के एक सीनियर पत्रकार भी घायल हुए हैं।
कांग्रेस ने 10 साल में कुछ नहीं किया
राहुल गांधी के बयान की उनके गठबंधन की सरकार बनेगी तो किसानों को एमएसपी की गारंटी दी जाएगी के बारे में गृह मंत्री ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि एमएसपी की रिपोर्ट 2004 में आ गई थी, तब कांग्रेस की सरकार थी और 10 साल तक रही, तब इनकी पार्टी ने क्यों नहीं किया। केवल भड़काने के लिए ऐसे बयान देना ठीक नहीं।