अंबाला। शंभू बॉर्डर पर किसानों को बैठे 11 दिन बीत चुके हैं, लेकिन किसान धरना खत्म करने के मूड में नहीं है। ऐसे में पंजाब का मार्ग पूरी तरह से बंद है।
इस कारण पंजाब से आने वाले व पंजाब की और जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान आंदोलन के चलते अंबाला डिपो और पीआरटीसी और पंजाब रोडवेज अपनी अपनी बसों का पंजाब रूट का संचालन बंद किए हुए 11 दिन बीत गए हैं। जिसके कारण यात्रियों को अंबाला छावनी बस अड्डे पर घंटों इंतजार करते दिखे।
करनाल निवासी कौशल्या देवी ने बताया कि पटियाला में उसकी रिश्तेदारी में मौत हो गई है। अब उन्हें अपनी बेटी के साथ पटियाला जाना था। जैसे-तैसे वह करनाल से अंबाला तो आ गए मगर यहां से उन्हें पटियाला जाने का साधन नहीं मिला। एक निजी बस आई थी तो उसके चालक ने राजपुरा उतारने को कह दिया। ऐसे लोग परेशान होते दिखाई दिए।
शाहबाद निवासी हर्ष ने बताया कि बुधवार की सुबह 9 बजे उसका पटियाला में एसएससी का पेपर है। इसके लिए उसे एक दिन पहले पटियाला जाना है, अब उसे छावनी बस अड्डे पर खडे़ हुए दो घंटे से भी ज्यादा का समय हो गया, लेकिन पटियाला की बस नहीं आई।
जगाधरी निवासी भूपिंद्र सिंह ने बताया कि उसने अपने एक साल के बेटे कार्तिक के आधार कार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट करवाना है। इसके लिए उसे पटियाला जाना है। उसे दो घंटे हो गए हैं, पटियाला जाने वाली बस का इंतजार करते हुए।
राजपुरा निवासी सुशांत ने बताया कि वह शाहपुर स्थित सेंटर में एसएससी की परीक्षा देने आया था पेपर देने के बाद अब उसे घर जाना है, लेकिन डेढ़ घंटा हो गया है। उसे राजपुरा की कोई भी बस नही मिल रही है।
करनाल निवासी आदित्य ने बताया कि पटियाला में बुधवार की सुबह नौ बजे उसका एसएससी की परीक्षा है। इस परीक्षा के लिए केंद्र में सुबह साढे़ सात बजे एंट्री करनी है। इसलिए वह मंगलवार को पटियाला जा रहा था लेकिन पटियाला की बस नहीं मिली।