अंबाला। चोरी और छीना-झपटी की एफआईआर दर्ज करने से पहले यात्री की मोबाइल लोकेशन देखी जाएगी कि वो जो जानकारी शिकायत पत्र में दे रहा है वो सही है या नही। उस जानकारी और समय का मिलान मोबाइल से लोकेशन से किया जाएगा।
जो क्षेत्र उस समय नजर आएगा, वहां मामले से जुड़ी जीरो एफआईआर दर्ज करके भेजी जाएगी ताकि पीड़ित यात्री को न्याय मिल सके। नए कानूनों के लागू होने के बाद भी जीआरपी ने भी अपनी कार्यशैली में बदलाव कर दिया है, जिससे कि लगातार बढ़ रही चोरी और अन्य मामलों से जुड़ी एफआईआर की संख्या कम हो सके। इसी कड़ी के तहत जीआरपी ने पिछले दो दिनों में यात्रियों की ओर से दी गई शिकायत को मोबाइल सर्विलेंस से प्राप्त लोकेशन से मिलाया तो चोरी होने की घटना दूसरे रेलवे स्टेशनों की मिली।
मेरठ और दिल्ली भेजीं एफआईआर
मध्यप्रदेश के हरदा निवासी शिल्पी बंसल ने अंबाला कैंट जीआरपी को एक शिकायत दी थी कि 20 सितंबर को वो पति संग ट्रेन नंबर 19307 में इंदौर से अंबाला कैंट आ रही थी। 21 सितंबर को देर रात 1.30 बजे से दो बजे के बीच जब उसका अज्ञात ने बैग चोरी कर लिया। जब जीआरपी ने इस मामले की जांच की तो घटना वाला रेलवे स्टेशन मेरठ था। इसी प्रकार भभुआ बिहार निवासी सुरेश कुमार ने भी जब कैंट जीआरपी को शिकायत दी कि 22 सितंबर को ट्रेन नंबर 12311 में वो नई दिल्ली से कालका तक सफर कर रहा था तो सफर के दौरान उसका लैपटॉप बैग चोरी हो गया। जब जीआरपी ने मोबाइल सर्विलेंस की मदद से जांच की तो घटना का क्षेत्र पुरानी दिल्ली स्टेशन पाया गया।
वर्जन
ट्रेन में चोरी की घटनाएं रात को होती हैं। यात्री को यह जानकारी नहीं होती कि उसका सामान कहां चोरी हुआ है। इसलिए वो शिकायत में अंबाला कैंट स्टेशन लिख देता है। इसलिए अब एफआईआर दर्ज करने से पहले यात्री से पूछताछ की जाती है ताकि सही समय की जानकारी मिल सके और जब उसके मोबाइल की लोकेशन देखी जाती है तो वो दूसरे स्टेशन पर नजर आती है, इसलिए जीरो एफआईआर दर्ज करके संबंधित थाने में भेज दी जाती है।
धर्मवीर सिंह, प्रभारी, जीआरपी अंबाला।