अंबाला। जीआरपी थाने से भागे बाइक चोर नशेड़ियों की गिरफ्तारी जल्द होगी। जीआरपी की टीम ने पंजाब पुलिस के सहयोग से नशेड़ियों के ठिकाने पर डेरा डाल दिया है। नशेड़ियों से जिस व्यक्ति ने लोको पायलट की बाइक का दो हजार रुपये में सौदा किया था, उसकी पहचान हो गई है। नशेड़ी और खरीदार दोनों के दूसरे को जानते हैं और वो ही चोरी की बाइक को खरीदने का सौदा करता था। यह सभी आरोपी पटियाला के आसपास के गांवों के रहने वाले हैं जो नशे के लिए अंबाला आते हैं और फिर वाहन चोरी करते हैं। जीआरपी की टीम पिछले दो दिनों से पटियाला की खाक छान रही है। इस संबंध में उन्होंने नशेड़ियों की फोटो को वहां के थानों में भी दिखाया था और नशा छुड़ाओ केंद्रों में भी जाकर जानकारी जुटाई थी। इसके बाद जीआरपी टीम को कामयाबी मिली और वो आरोपियों तक पहुंच पाई।
यह था मामला
दो जुलाई को अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर तैनात लोको पायलट रत्नाकर वत्स की बाइक चोरी हो गई थी जोकि उसने अनधिकृत क्षेत्र यानी आरएमएस कार्यालय के पास खड़ी की थी। इस दौरान बाइक चोरी करने वाले आरोपी नजदीक ही लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे जोकि दो दिन बाद जब दोबारा से बाइक की चोरी करने आए तो पकड़े गए। शक के आधार पर जब दोनों को पकड़कर जीआरपी के सुपुर्द किया गया तो वो एसपीओ को चकमा देकर फरार हो गए। मामला जब उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया तो विभागीय अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीम की तैनाती के निर्देश दिए।
वर्जन
शक के आधार पर पकड़े गए आरोपियों तक जीआरपी की टीम पहुंच गई है और लोको पायलट की बाइक खरीदने वाले व्यक्ति की भी पहचान हो गई है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पंजाब पुलिस की मदद ली गई थी। जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लोको पायलट की बाइक मिलने की भी उम्मीद है।
धर्मवीर सिंह, प्रभारी जीआरपी, अंबाला।
-