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Ambala News: तबादले के बाद खाली हुए राजकीय प्राइमरी स्कूल, 69 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं

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सतनाम सिंह
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अंबाला सिटी। 2017 में भर्ती हुए प्राथमिक शिक्षकों के तबादले के बाद राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के 150 से ज्यादा पद खाली हुए हैं। शिक्षकों के तबादले के बाद जिले में 69 राजकीय प्राथमिक स्कूलों में तो एक भी शिक्षक नहीं है।
शिक्षा विभाग विद्यार्थियों की पढ़ाई, सुरक्षा, मिड डे मील व्यवस्था और दाखिला प्रक्रिया के लिए दूसरे स्कूलों के शिक्षकों को अस्थाई रूप से इन स्कूलों में भेज रहा है, इससे दूसरे स्कूल भी प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, शिक्षा विभाग अधिकारियों ने सभी बीईओ से उन स्कूलों की रिपोर्ट मांगी है, जिन स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है या एक ही शिक्षक कार्यरत है। इससे पहले जिले में 21 स्कूल ही ऐसे थे, जिनके एक भी शिक्षक नहीं था। अब 48 स्कूल और जीरो शिक्षक हो गए हैं।
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जेबीटी की नियमित भर्ती करे सरकार : प्रकाश चंद्र

राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला महासचिव प्रकाश चंद्र ने बताया कि जिले से 2017 बैच के शिक्षकों का तबादला हुआ है। जिससे कई स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं बचा और कई स्कूलों में एक ही शिक्षक रह गया है। विभाग खाली हुए स्कूलों में जिन स्कूलों से शिक्षक समायोजित कर रहा है, वहां भी व्यवस्था खराब हो रही है। सरकार से मांग है कि एचकेआरएन की बजाय नियमित भर्ती की जाए ताकि राजकीय प्राथमिक स्कूलों में खाली पद भरे जा सकें। सरकार जेबीटी की भर्ती नहीं कर रही है। 2017 में अंतिम नियमित भर्ती हुई थी। जिले में करीब 1100 शिक्षक थे। तबादले से 150 शिक्षक चले गए हैं। इससे पहले भी ये पद खाली पड़े थे।



कई स्कूलों में जीरो शिक्षक तो कई में एक ही शिक्षक

अंबाला खंड वन
जीपीएस अद्दोमाजरा, बिशनगढ़, सेगता, सेगती, भूरेमाजरा, बड़ौली, औजलां, अहमां, सुल्लर, बकनौर, निहारसी, खैरा, धन्यौड़ा, फड़ौली, अमीपुर, बड़िंगा, उदयपुर, जगौली, चौड़मस्तपुर, बाबाहेड़ी, मिर्जापुर, दानीपुर, डेलुमाजरा, लौटां, रवालों, जलबेड़ा, बाड़ा, बड़ौला, भुन्नी, जलालपुर, कलेरां में एक भी शिक्षक नहीं है। जलबेड़ा स्कूल में चार स्वीकृत पद हैं, जबकि बाकी स्कूलों में दो-दो शिक्षकों के स्वीकृत पद हैं।


अंबाला खंड टू

सीआरसी कांवला, सुलतानपुर, बकरा मार्केट, बब्याल, बोह, बीसी बाजार, गरनाला, रामबाग रोड, घेल, पंजोखरा, रामपुर सरसहेड़ी, सपेड़ा सीआरसी के राजकीय प्राथमिक स्कूल शामिल हैं। जहां शिक्षकों की कमी है।

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साहा खंड

जीपीएस ब्राह्मण माजरा, जीपीएस चुडियाली में एक, धुराला, घसीटपुर में दो में से एक शिक्षक हैं। जीपीएस गोला में चार में से एक, हमीदपुर, झाड़ूमाजरा, हल्दहेड़ी में दो में से एक, केसोपुर, लंगर छन्नी, हरियोली, पंजैल, नरहद, पपलौथा, टमनौली, टपरियां, ठरवा, हसनपुर में एक भी शिक्षक नहीं है।

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शहजादपुर खंड

जीपीएस बड़ी बस्सी, चतान, सादिकपुर, भुरमंडी में एक भी शिक्षक नहीं है। इसी तरह नगला नानकू, मंगलौर, गणेशपुर, कोड़वा कलां, कलाल माजरा में एक-एक शिक्षक हैं।
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नारायणगढ़ खंड

जीपीएस बाकरपुर, भुखड़ी, सुरगल, लाहा, छोटी रसौर, रज्जु माजरा, ब्राह्मण माजरा में एक भी शिक्षक नहीं है।



बराड़ा खंड

जीपीएस मुकंद माजरा, मंगलपुर, शेरपुर सुलखनी, तपरियां, नाहरा डेहरा, अलीपुर, अब्बदुलगढ़, तलरेहड़ी, बीबी बराड़ा, प्रेम नगर जी में एक भी शिक्षक नहीं है।

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वर्जन

शिक्षकों के तबादले से जिले में 48 प्राथमिक स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं बचा है। यह स्कूल जीरो शिक्षक हो गए हैं। सभी बीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि इन स्कूलों में आसपास के स्कूलों से शिक्षक समायोजित किए जाएं ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारू रूप से चलते रहे। इससे पहले जिले में 21 स्कूल ऐसे थे, जिनके एक भी शिक्षक नहीं था। अब 48 और स्कूल शिक्षक विहीन हो गए हैं

सुधीर कालड़ा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, अंबाला।
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