अंबाला। ट्रेनों से सोने के आभूषणों के मामले में अमृतसर के व्यापारी गुस्से में हैं और उन्होंने बैठक करके आरपीएफ की इस कार्रवाई का विरोध किया है। सर्वसम्मति से यह भी फैसला लिया है कि वो इस संबंध में रेल राज्यमंत्री रवनीत बिट्टू सहित मंडल रेल प्रबंधक से मदद की गुहार लगाएंगे। इसके अलावा छावनी की आरपीएफ पोस्ट पर प्रदर्शन भी करेंगे।
अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कश्मीर सिंह राजपूत और पंजाब के अध्यक्ष अश्वनी नामेशाह ने बताया कि वो स्वर्ण आभूषणों का व्यापार करते हैं न कि नशे का। पूरे दस्तावेज होने के बावजूद आरपीएफ उन्हें परेशान कर रही है जो सहन नहीं किया जाएगा। इससे उनका व्यापार तो प्रभावित हो ही रहा है, साथ ही मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है।
सुरजीत सिंह सेहजरा ने बताया कि वे पिछले दो दिनों से अंबाला कैंट में ही रुके हैं। उन्होंने इनकम टैक्स विभाग को सोने के आभूषणों से जुड़े सभी बिल और दस्तावेज दिखा दिए हैं। उन्हें उम्मीद है कि आगामी दो-तीन दिन में उन्हें उनका सामान वापस मिल जाएगा। उन्होंने आरपीएफ की कार्रवाई पर रोष जताते हुए कहा कि उन्हें मामले से जुड़ी तकनीकी जानकारी नहीं है।
वर्जन
प्रदेश में आचार संहिता लगी है। इसलिए मुख्य चुनाव आयुक्त के निर्देश पर ट्रेनों में जांच की जा रही है। जो भी पैसे या सोना पकड़ा जाता है, उसकी जानकारी इनकम टैक्स सहित जीएसटी विभाग को दी जाती है, जिससे कि आगामी कार्रवाई की जा सके। पकड़े गए व्यक्तियों पर जो मामले दर्ज किए गए हैं वो काम में दखलअंदाजी और दुर्व्यवहार के लिए है न कि सोने के लिए।
जावेद खान, प्रभारी आरपीएफ, अंबाला।