अंबाला सिटी। शंभू सीमा बंद होने के कारण सोने का कारोबार संकट के बादल मंडराने लगे हैं। व्यापारियों का कहना है कि पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के बाद उम्मीद जगी थी कि अब उनका व्यापार चलेगा, लेकिन हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाल दी है।
इससे अब वह उम्मीद भी टूट चुकी है। स्वर्ण व्यापारियों का कहना है कि अमृतसर, अंबाला, लुधियाना और दिल्ली सबसे बड़ी स्वर्ण मंडियों में शामिल है। पंजाब की सीमा बाधित होने के कारण दिल्ली से अमृतसर और लुधियाना का संपर्क टूट गया है। अंबाला का बाजार भी सूना है। अंबाला के निकटवर्ती पंजाब के लगभग 100 गांव अंबाला की सीमा से लगते है।
इन्हीं गांवों से सैकड़ों ग्राहक अंबाला के स्वर्ण बाजार में खरीदारी करने आते है। लेकिन अब सीमाएं बाधित होने के कारण न तो अंबाला के व्यापारियों के पास काम आ रहा है और न ही पंजाब से लंबित भुगतान मिल पा रहा है।
हाेलसेलरों का काम सिर्फ पांच फीसद बचा
शहर स्वर्णकार संघ के प्रधान जोगिंद्र वर्मा ने बताया कि शंभू सीमा के बंद होने से होलसेलर्स के पास सिर्फ पांच प्रतिशत काम रह गया है। जो सुनार पंजाब से आभूषण व अन्य सामान बनवाने के लिए अंबाला के बाजार में आते थे वो अब लुधियाना और पटियाला की ओर से जा रहे हैं। ऐसे में उनके व्यापार पर संकट के बादल छा गए हैं। जो हटने का नाम नहीं ले रहे।
पिछला भुगतान भी रुका
स्वर्णकार संघ के सचिव विनोद कुमार ने बताया कि पंजाब की सीमा बंद होने के कारण वहां के दुकानदारों से जो बकाया लेना था। वह भी अब रुक गया है। ग्राहक न आने से नये ऑर्डर नहीं आ रहे इसलिए पिछला भुगतान भी नहीं मिल पा रहा है।
गहने बनाने का घटा काम
संघ के उपसचिव ने विजय कुमार ने बताया कि गहने बनाने का काम भी सबसे ज्यादा अंबाला के बाजार में ही होता है। यहां पर कपड़ा मार्केट की ही तरह छोटी बड़ी 700 दुकानें है। शंभू सीमा के बंद होने से गहने बनाने का काम भी सिर्फ 30 प्रतिशत रह गया है।
थोक के साथ रिटेलर भी घटे
स्वर्णकार संघ के सदस्य नरेश वर्मा ने बताया कि शंभू सीमा के कारण व्यापार समाप्त होने की कगार पर है। अंबाला उत्तर भारत में सबसे बड़ी स्वर्ण मंडी है। लेकिन मौजूदा हालात देखते हुए लगता है कि यह मंडी जल्द ही विलुप्त हो जाएगी।