बराड़ा के सिरसगढ़ गांव में आयोजित संत सम्मेलन में मौजूद महिला श्रद्धालु। प्रवक्ता
बराड़ा। सिरसगढ़ गांव में संत मंदीप दास महाराज के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। निराकारी जागृति मिशन के चेयरमैन व महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञान नाथ महाराज ने रूहानी सत्संग के माध्यम से ईश्वर की सर्व व्यापकता और सत्य की महिमा का बखान किया। उन्होंने दार्शनिक अंदाज में कहा कि जब इस ब्रह्मांड में पृथ्वी, जल, वायु और आकाश का अस्तित्व नहीं था, जब न कोई शास्त्र था और न ही कोई पंथ, तब भी वह निर्गुण निराकार परमात्मा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईश्वर वह परम चैतन्य हस्ती है जो मात्र एक संकल्प से सृष्टि का सृजन करता है और अंत में सब कुछ उसी में विलीन हो जाता है। महामंडलेश्वर ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे जाति, मजहब, संप्रदायवाद और निरर्थक कर्मकांडों को छोड़कर उस एक परम तत्व को पहचानें। उन्होंने नारा दिया, एक को जानो, एक को मानो और एक हो जाओ, तभी जीवन सार्थक होगा और भगवत प्राप्ति संभव है। संवाद
बराड़ा के सिरसगढ़ गांव में आयोजित संत सम्मेलन में मौजूद महिला श्रद्धालु। प्रवक्ता
बराड़ा के सिरसगढ़ गांव में आयोजित संत सम्मेलन में मौजूद महिला श्रद्धालु। प्रवक्ता
बराड़ा के सिरसगढ़ गांव में आयोजित संत सम्मेलन में मौजूद महिला श्रद्धालु। प्रवक्ता