फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जाति-पाति नहीं, केवल भक्ति के नाते रीझते हैं भगवान : आचार्य सनातन चैतन्य

Sat, 18 Apr 2026 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
विज्ञापन
अंबाला शहर के  मोती नगर स्थित श्री कबीर जन कल्याण सेवाश्रम में आयोजित कथा के दौरान आरती करते श् - फोटो : 1
विज्ञापन
अंबाला सिटी। मोती नगर स्थित श्री कबीर जन कल्याण सेवाश्रम निर्मल शक्ति पीठ में मानस शबरी नवधा भक्ति कथा आयोजित हुई। कथा व्यास आचार्य सनातन चैतन्य महाराज ने हरि को भजे सो हरि का होई का संदेश देते हुए कहा कि ईश्वर की भक्ति के लिए कोई विशेष जाति, कुल या उच्च शिक्षा अनिवार्य नहीं है। उन्होंने माता शबरी का उदाहरण देते हुए बताया कि प्रभु श्री राम ने स्वयं कहा था कि वे केवल भक्ति के नाते को मानते हैं। उन्होंने कथा के दौरान नवधा भक्ति के नौ सोपानों सत्संग, कथा श्रवण, गुरु सेवा, निष्कपट कीर्तन, मंत्र विश्वास, इंद्रिय निग्रह, सर्वत्र ईश्वर दर्शन, संतोष और सरलतापर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शबरी के रोम-रोम में ये भक्तियां रची-बसी थीं, इसलिए वे प्रभु की कृपा की पात्र बनीं। कार्यक्रम का शुभारंभ उषा सूद, अभिलाषा राठौल और अन्य मनोरथियों द्वारा व्यास पूजन से हुआ। पंडित रविन्द्र नाथ तिवारी ने बताया कि शनिवार को भव्य झांकियों के साथ कथा का समापन होगा, जबकि रविवार को खेड़ा अभिषेक पूजन, हवन और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें