अंबाला। लंबे इंतजार के बाद सोमवार से अंबाला के खड्गा स्टेडियम में अग्निवीर के लिए युवतियों की भर्ती शुरू हुई। इसे लेकर युवतियों में काफी उत्साह दिखा। हरियाणा के विभिन्न जिलों के साथ ही हिमाचल, दिल्ली, चंडीगढ़ सहित अन्य स्थानों से पहुंची युवतियों ने दौड़ और लंबी कूद में दम दिखाया। भर्ती प्रक्रिया नौ नवंबर तक जारी रहेगी।
अंबाला में अग्निवीर के लिए पहली बार शुरू हुई युवतियों की भर्ती के लिए बड़ी संख्या अभ्यर्थी रविवार की रात ही पहुंच गईं थीं। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर हेल्प डेस्क न होने के कारण युवतियों को विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ा। साथ ही मजबूरी में आसपास के होटलों और धर्मशालाओं का सहारा लेना पड़ा। इसके बाद सोमवार की सुबह चार बजे स्टेडियम पहुंची, जहां दौड़ और लंबी कूद राउंड को पार करने के बाद उनके दस्तावेजों की जांच की गई। दौड़ और दस्तावेजों में क्वालीफाई न करने वाली युवतियों को वापस भेज दिया गया। इस दौरान कई युवतियों ने विरोध भी जताया, लेकिन आरोप है कि उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
प्रेगनेंसी जांच रिपोर्ट के अभाव में भर्ती से हुईं बाहर
भर्ती को लेकर युवतियों को पहले ही प्रेगनेंसी टेस्ट रिपोर्ट लाने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद कुछ अभ्यर्थी जांच रिपोर्ट लाना भूल गईं थीं, जिन्हें भर्ती ग्राउंड में एंट्री नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने छावनी नागरिक अस्पताल से जांच रिपोर्ट लाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देरी हो गई थी। ऐसे में वह निराश होकर वापस लौट गईं। उधर, अभिभावकों तथा महिला अभ्यर्थियों की सुविधा हेतु वाहन पार्किंग की व्यवस्था गांधी मैदान अंबाला छावनी में की गई थी, जहां पर युवतियों के परिजन उनके इंतजार में विश्राम करते रहे।
फरीदाबाद से आई कोमल ने नम आंखों से बताया कि दौड़ पूरी होने के बाद उसे लंबाई में बाहर कर दिया गया, जबकि उसकी लंबाई पूरी 162 सेंटीमीटर लंबाई थी और उसके पास पिछली दो बार की भर्तियों के दस्तावेज भी थे। उसने बताया कि कई बार आलाधिकारियों को बोलना चाहा, लेकिन उसे बाहर निकाल दिया गया।
हिसार से आई गायत्री ने बताया कि वह स्पोर्ट्स कोटे से है तो उसे लंबाई में छूट है। दौड़ पूरी कर ली थी, लेकिन स्पोर्ट्स के प्रमाण पत्र में कुछ दिक्कत आने के कारण सेना अधिकारियों ने स्वीकार नहीं किया, जबकि दो माह से अच्छी तैयारी की थी।
झज्जर निवासी प्रीति ने बताया कि उसकी लंबाई 162 सेंटीमीटर होने के बावजूद उसे बाहर निकाल दिया। कई बार कारण पूछना चाहा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, जबकि उसके पास सभी दस्तावेज में उसकी लंबाई 162 सेंटीमीटर अंकित है।