अंबाला। शंभू सीमा पर चौथे दिन आंदोलन में यूनियन नेताओं के पढ़ाए पाठ से युवा किसान अलग ही चलते दिखे। सुबह तक यूनियन सदस्य किसानों ने जब तक मोर्चा संभाला था तो कोई टकराव नहीं हुआ और शांति बनी रही।
जैसे ही दोपहर करीब एक बजे युवाओं की टोली आई और पुलिस नाके के बेहद करीब जाने की जिद पर अड़ गई। इस बीच युवाओं ने यूनियन से जुड़े सदस्यों के समक्ष रोष भी जताया। करीब एक बजकर 30 मिनट पर यह स्थिति बन गई कि युवा मोर्चा संभाले यूनियन सदस्यों को लांघते हुए पुलिस नाके के बेहद करीब पहुंच गए।
युवाओं ने जोश में पुलिस मुलाजिमों को जमकर ललकारा। पहले तो पुलिस समझाते हुए पीछे जाने की बात कर रही थी, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद उन पर आंसू गैस के गोले दागे गए। इस बीच कुछ युवाओं ने गेटनुमा बेरिगेड को ढाल बनाया। कई मिनटों की टकराव के बाद आखिरकार पुलिस मुलाजिमों ने वो अपने कब्जे में ले लिया। बावजूद देर शाम तक पुलिस में टकराव की स्थिति बनी थी। उधर, यूनियन नेता भी स्पीकर पर अनाउसमेंट से युवाओं को पीछे हटने का आह्वान कर रहे थे।
देखी पुलिस की फोटो और वीडियोग्राफी की नीति
शुक्रवार को पुलिस की ओर से भी आंदोलन के कारण उपद्रवियों के प्रति अलग ही रणनीति देखने को मिली। उपद्रवियों का पता लगाने के लिए वह पहले समझाते रहे। इस बीच वह उपद्रव करने वालों को चिह्नित कर उनकी फोटो और वीडियो भी ले रहे थे। इस नीति से चलते काफी उपद्रव करने वाले भी सामने आए। इसके बाद पुलिस ने देरशाम को उनका वीडियो और फोटो भी वायरल की है। वहीं, दोपहर के समय करीब आधा दर्जन महिलाएं भी पुलिस नाके के करीब भीड़ के साथ पहुंची।
पुलिस को ललकारती दिखी महिला
आंदोलन के चौथे दिन पुलिस से टकराव के बीच महिला की भी भागीदारी सामने आई। पुलिस की तरफ से जारी वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि एक महिला और युवा किसान पुलिस नाके की तरफ बढ़ रहे हैं। महिला पुलिस को जमकर ललकार रही है और पुलिस उन्हें वापस लौटने की बात बोलती नजर आ रही है। आखिर में युवा किसान महिला को ले जाता है। बाद में उपद्रव मचाने वालों का पुलिस के साथ टकराव हो जाता है।
भगदड़ में चार किसान घायल, एक बुजुर्ग पहुंचा अस्पताल
आंदोलन के दौरान दोपहर के समय आंसू गैस के गोलों के कारण मची भगदड़ और गोले की मार से 4 किसान भी चोटिल हो गए। इस बीच एक बुजुर्ग किसान का भी दम घुट गया। आनन-फानन में एंबुलेंस को बुलाने के बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया। अब वह ठीक है और उपचाराधीन है।
किसानों ने दिया शहीद का दर्जा
शंभू बॉर्डर पर शुक्रवार 63 वर्षीय ज्ञान सिंह की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। हालांकि किसानों की तरफ से इसके आंसू गैस के गोलों की मार के कारण तबीयत बिगड़ना कहा जा रहा है। इसके लिए किसान नेता बुजुर्ग को आंदोलन के पहले शहीद का दर्जा देते हुए नजर आए। साथ ही दिनभर बॉर्डर पर लगे स्पीकरों के जरिये यह मुद्दा गूंजा।
अंबाला रेंज के आईजी सिबास कविराज पुलिस अधीक्षक अंबाला जश्नदीप सिंह रंधावा संग शंभू बॉर्डर पर ड
अंबाला रेंज के आईजी सिबास कविराज पुलिस अधीक्षक अंबाला जश्नदीप सिंह रंधावा संग शंभू बॉर्डर पर ड
अंबाला रेंज के आईजी सिबास कविराज पुलिस अधीक्षक अंबाला जश्नदीप सिंह रंधावा संग शंभू बॉर्डर पर ड
अंबाला रेंज के आईजी सिबास कविराज पुलिस अधीक्षक अंबाला जश्नदीप सिंह रंधावा संग शंभू बॉर्डर पर ड
अंबाला रेंज के आईजी सिबास कविराज पुलिस अधीक्षक अंबाला जश्नदीप सिंह रंधावा संग शंभू बॉर्डर पर ड
अंबाला रेंज के आईजी सिबास कविराज पुलिस अधीक्षक अंबाला जश्नदीप सिंह रंधावा संग शंभू बॉर्डर पर ड