फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एग्रो पेज के लिए : गोभी और शिमला मिर्च की पौध तैयार

विज्ञापन
विज्ञापन
सतनाम सिंह
विज्ञापन

अंबाला सिटी। परंपरागत खेती को छोड़कर कई किसान सब्जी की खेती कर रहे हैं। यह सब्जी अंबाला समेत पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली और कोलकाता तक भेजी जा रही है। खास बात यह है कि अंबाला के दुराना, मोहड़ा, कोटकछुआ, साहिबपुरा, नुरपूर और भूरेवाला में 500 एकड़ से ज्यादा पर सब्जी उगाई जा रही है।
किसान कहते हैं कि इस खेती में खर्चा तो बहुत है, मगर यह किसान को मुनाफा भी अच्छा देती है। पिछले कुछ वर्षों में जिला बागवानी विभाग के प्रचार से सब्जी की फसलों में किसान रुझान ले रहे हैं।
विज्ञापन

30 एकड़ पर लगा रहे सब्जी
दुराना के संजीव कुमार ने बताया कि उनके दादा, पिता ने सब्जी की खेती की और अब वे कर रहे हैं। अभी चार एकड़ में गोभी की पौध लगा दी है। अभी 30 एकड़ में लगाएंगे। वह चंडीगढ़ और दिल्ली मंडी में सब्जी बेचते हैं। उन्होंने बताया कि जरूरी नहीं कि सब्जी में मुनाफा ही हो, इसमें घाटा भी हो जाता है। पिछले दो वर्ष में ओले पड़ने और बाढ़ आने से खेती खराब भी हुई थी। इसके अलावा इसमें मेहनत, मजदूरी और खर्च भी ज्यादा आता है। शिमला मिर्च का एक खेत तैयार करने में करीब एक लाख रुपये लगते हैं।

अब ऐसा चलेगा सब्जी का सीजन
अभी हरी मिर्च तोड़ी जा रही है। टमाटर की पौध दिसंबर और जनवरी में लगाई जाएगी। टमाटर का सीजन अप्रैल से जून माह तक चलेगा। गोभी के तीन सीजन हैं। अब जो गोभी लगाई जा रही है, वह अक्टूबर और नवंबर तक रहेगी। दूसरा सीजन 25 सितंबर के बाद आएगा। दिसंबर और जनवरी में भी गोभी लगाई जाएगी। हरी मिर्च अप्रैल से चल रही है, यह हरी मिर्च तोड़ी जा रही है।
इसके बाद दोबारा जनवरी में हरी मिर्च लगाई जाएगी। सब्जी में मुनाफा बारिश पर भी निर्भर करता है। अगर बारिश होती है तो सब्जी खराब होने का डर रहता है। इसी तरह शिमला मिर्च भी लोटर्नल यानी लिफाफों में सितंबर माह में लगाई जाएगी। लिफाफों का फायदा यह होता है कि यह फसल को सर्दी महसूस नहीं होने देता और फसल जल्दी हो जाती है। यह शिमला मिर्च फरवरी में चलेगी।
विज्ञापन

वर्जन
सर्दियों में होने वाली सब्जी की खेती के लिए किसानों ने तैयारी शुरू कर दी है। जो खेत खाली है, उनमें खेती की पौध लगाने के लिए कार्य शुरू होने वाला है और धान की खेती कटने के बाद यह सीजन जोर पकड़ेगा। जिले में लगातार किसान खेती करने की तरफ रुझान दिखा रहे हैं।
डॉ. विरेंद्र सिंह, जिला बागवानी अधिकारी, अंबाला।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें