अंबाला। शिमला रेलवे स्टेशन के नजदीक बनी पार्किंग में खड़ी होने वाली गाड़ियों और खुले ढाबे को लेकर मुख्यालय से जवाब मांगा गया है। पार्किंग के ठेके से संबंधित फाइल को मुख्यालय भेजा गया है, जिससे कि सही तथ्यों की जानकारी विभाग तक पहुंच सके।
यह कार्रवाई पिछले दिनों विजिलेंस की ओर से की गई जांच के बाद हुई है। जबकि अंबाला मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक ने बताया था कि पार्किंग के ठेके को ठेकेदार ने छोड़ दिया है। इसलिए उसकी अग्रिम भुगतान के तहत जमा की गई राशि को जुर्माने के तौर पर जब्त कर लिया गया है और नए ठेके को लेकर कार्रवाई आरंभ कर दी गई है जोकि 17 मई को खुल जाएगा।
विजिलेंस की जांच के संबंध में भी बताया गया था कि पार्किंग में किसी प्रकार की कोई अनियमितता नहीं पाई गई थी क्योंकि पार्किंग का ठेका नहीं था और यहां सूचना बोर्ड लगाने के बाद भी वाहन चालक अपनी मर्जी से वाहन खड़ा कर रहे थे, जिसका रेलवे से कोई लेना-देना नहीं था। वहीं ढाबे के लिए भी जानकारी सामने आई है, उसके दस्तावेज भी मुख्यालय भेजे हैं, जिससे कि विजिलेंस शुरू की गई जांच-पड़ताल पूरी हो सके।
गौरतलब है कि विजिलेंस को सूचना मिली थी कि शिमला रेलवे स्टेशन के नजदीक पार्किंग में अवैध वसूली का खेल चल रहा है। बिना ठेके के ही यहां वाहन खड़ा करके कर्मचारी पैसे ले रहे हैं। सूचना के बाद जब विजिलेंस शिमला पहुंची तो वहां किसी प्रकार की कोई खामी नजर नहीं आई। यह जानकारी खुद अंबाला मंडल के विभागीय अधिकारी ने दी थी। लेकिन फिर पार्किंग में खुले ढाबे को लेकर विजिलेंस ने आपत्ति दर्ज करवाई और इसके दस्तावेज मांगे कि यह ढाबा और पूर्व में दिया गया पार्किंग का ठेका नियमों के तहत था या नहीं।