अंबाला सिटी। कोहरे और ठंड का प्रभाव दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा हैं। इस कारण मानवीय जन-जीवन तो अस्त-व्यस्त होता नजर आ रहा है, लेकिन यही कोहरा और ठंड गेहूं और सरसों उत्पादक किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है।
यह बात प्रचलित है कि इस प्रकार के ठंडक भरे मौसम से सरसों और गेहूं की प्रति एकड़ औसत बढ़ सकती है। किसानों की ओर से भी इस विषय पर कई सालों से गहराई से अनुभव किया जा रहा है। उनका कहना है कि जिस साल सर्दियों के समय में कोहरे और ठंड का असर कम रहता है उस साल उनके पास गेहूं की पैदावार बहुत कम रहती है, लेकिन जिस साल गेहूं के मौसम में ठंडक ज्यादा रहती है तो पैदावार भी ज्यादा रहती है।
दूसरी ओर कृषि विभाग के अधिकारियों का भी मानना है कि जितनी ज्यादा ठंड पड़ेगी उतनी ही ज्यादा गेहूं और सरसों की फसल की पैदावार होगी।
जिला में गेहूं और सरसों की स्थिति
जिला अंबाला में इस साल 84 हजार हेक्टेयर में गेहूं और 75 हजार हेक्टेयर में सरसों की फसल लगी हुई है। ठंड के चलते बंपर पैदावार की उम्मीद बन ही रही है। इसके साथ-साथ किसान अतिरिक्त लाभ प्राप्त करने के लिए तूड़ी भी थ्रेसर से बना सकत हैं। बताया जा रहा है कि रीपर की अपेक्षा थ्रेसर से प्रति एकड़ ज्यादा भूसा बनता है जो जिला के लाखों पशुओं के लिए साल भर का सूखा चारा तैयार हो जाता है।
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उम्मीद है अच्छी होगी फसल
किसान नरेंद्र कुमार ने बताया कि उसने आठ एकड़ में गेहूं की फसल लगाई है। अपनी फसल की खाद भी उसने पूरा कर दिया। उसके उम्मीद है कि इस बार उसकी पिछले साल से ज्यादा फसल होगी।
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हर साल गेहूं की अच्छी पैदावार
किसान सरजीत सिंह ने बताया कि वह पांच एकड में गेहूं की खेती करता है। लेकिन इस कार्य को वह पूरी मेहनत व लगन से करता है। परिणामस्वरूप उसके पास हर साल गेहूं की बढिया पैदावार होती है।
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बारिश फसल की पैदावार में लाती है कमी
किसान राज कुमार ने बताया कि जब से सरसों के नए बीज आए तथा सरकार ने खरीद शुरू की तब से सरसों की पैदावार ज्यादा होने लगी है। सरसों की फसल के लिए ठंड तो वरदान है लेकिन बारिश फसल की औसत पैदावार में कमी ला सकती है।
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सर्दी पड़ने पर अच्छी फसल होती है
किसान रामधन ने बताया कि वह ठेके पर लेकर खेती करता है लेकिन उसकी मेहनत के कारण उसके पास अच्छी फसल होती है। जिस साल सर्दी कम पडे, ऐसा कई बार हुआ है कि उसके पास गेहूं की औसत कम हुई है लेकिन इस साल आसार अच्छे हैं।
वर्जन
कोहरा व ठंड जितने ज्यादा पड़ेंगे गेहूं और सरसों की फसल उतनी ज्यादा होगी। अभी तक बंपर पैदावार के आसार लग रहे हैं। पहले तो 82 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल लगी थी, लेकिन आलू और गन्ना किसानों ने इसमें 2 हजार हेक्टेयर का इजाफा किया है। इससे यह आंकड़ा बढ़कर 84 हजार हेक्टेयर हो गया।
-जसविंदर सिंह, जिला कृषि निदेशक
खेतों में खड़ी सरसों की फसल।
खेतों में खड़ी सरसों की फसल।
खेतों में खड़ी सरसों की फसल।