अंबाला। सैन्य क्षेत्र स्थित मिलिट्री डेयरी फार्म के साथ लगती करीब 10 एकड़ जमीन को बना डोमेस्टिक एयरपोर्ट आचार संहिता से अटक गई है। उद्घाटन की तैयारियां चल रही थीं और कुछ दिन पहले ही लगी आचार संहिता के कारण अब पहली उड़ान पर रोक लग गई है।
चुनाव के बाद ही जनता और कारोबारियों को इसका लाभ मिल पाएगा। जबकि इस उड़ान को अंबालावासियों को लंबे समय से इंतजार था। जबकि हरियाणा के उड्डयन मंत्री डॉ. कमल गुप्ता और पूर्व गृहमंत्री अनिल विज ने आचार संहिता से पहले एक अगस्त को इसका निरीक्षण कर काम को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे। जबकि पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की मानें तो डोमेस्टिक एयरपोर्ट का काम लगभग पूरा हो गया है। अब तो केवल उद्घाटन का इंतजार है।
दरअसल, अयोध्या के लिए यहां से पहली उड़ान भरी जानी थी। एयरफोर्स अथॉरिटी से अनुमति मिलने के बाद काम ने रफ्तार पकड़ी थी। सिविल एविएशन द्वारा एयरफोर्स स्टेशन की दीवार को तोड़कर रास्ता निकाला गया था जहां से फ्लाइट के लिए जाने वालों को एंट्री मिलेगी। उसके बाद एयरफोर्स के मुख्य गेट से उन्हें चेकिंग के बाद भीतर जाने की अनुमति मिलेगी। इस एयरपोर्ट में पार्किंग के अलावा कैंटीन आदि की भी सुविधा है।
कारोबारियों को मिलेगा उड़ान का लाभ
इस डोमेस्टिक एयरपोर्ट के शुरू होने से सबसे ज्यादा लाभ अंबाला और आसपास के शहरों के कारोबारियों को होगा। अंबाला से सीधा व कम समय में किसी भी दूसरे राज्य में पहुंच सकेंगे। ऐसे में समय भी घटेगा। इसका फायदा हिमाचल प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के यात्री भी ले सकेंगे। दरसल, इस डोमेस्टिक एयरपोर्ट से यात्री चेक-इन एवं चेक-आउट कर सकेंगे। विमान के टेक-ऑफ एवं लैंडिंग के लिए अंबाला एयरफोर्स स्टेशन की हवाई पट्टी का इस्तेमाल होगा।
वर्जन
सिविल एनक्लेव (डोमेस्टिक एयरपोर्ट) का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। उद्घाटन से पहले ही आचार संहिता लग गई है इसलिए इसे शुरू नहीं किया गया है। चुनावों के बाद ही इसे शुरू किया जा सकेगा।
नवीन राठी, एक्सईएन, इलेक्टि्रकल विंग, पीडब्ल्यूडी अंबाला