फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ambala News: बिना फायर एनओसी के चल रहे शहर के पांच अस्पताल

विज्ञापन
विज्ञापन
अंबाला सिटी। बढ़ती गर्मी और हवाओं से आग लगने की घटना का खतरा अधिक होता है। ऐसे में निजी और सरकारी संस्थानों में आग से बचाव के उपकरणों का दुरुस्त होना अनिवार्य है।
विज्ञापन

इसके लिए दमकल विभाग ने निर्देशों के अनुसार निजी अस्पतालों में फायर एनओसी को जांचना शुरू कर दिया है। अभी तक विभाग ने अंबाला शहर में 13 अस्पतालों को जांचा है। इनमें से पांच अस्पताल ऐसे हैं जिनके पास फायर एनओसी नहीं है। अब विभाग उनकी रिपोर्ट बनाकर निदेशालय में भेजेगा।
इसके बाद निदेशालय के आदेशों पर ही आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बता दें कि अस्पतालों में आगजनी की घटना हो जाए तो उसमें भर्ती मरीजों व स्टाफ के लिए जान का खतरा बन सकता है। दमकल विभाग के आंकड़ों के अनुसार रोजाना उनके पास अंबाला शहर में सात से आठ घटनाओं के लिए फोन आते हैं। पिछले वर्ष अंबाला शहर क्षेत्र में आग की 302 घटनाएं सामने आई थी।
विज्ञापन


इनके पास नहीं फायर एनओसी

फायर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बीत दिनों हुए निरीक्षण में अंबाला शहर के कृष्णा अस्पताल बलदेव नगर, संतराम अरोड़ा अस्पताल, साशन अस्पताल बलदेव नगर, पुष्पा नर्सिंग होम, कुलदीप अस्पताल के पास फायर विभाग की एनओसी नहीं है। विभाग इनकी कमियों की रिपोर्ट बनाकर निदेशालय के पास भेजेगा।



अंबाला शहर में 14 फायर वाहन



विभाग के पास 14 फायर वाहन है। इन वाहनों में दो हजार लीटर के दो, 4500 लीटर के पांच, 5500 लीटर का एक, 7500 लीटर का एक, 8000 लीटर के दो और 10 हजार लीटर का एक और दो मोटरसाइकिल शामिल है, जिनमें फोम से आग पर काबू पाया जाता है। इसके साथ ही मौसम को देखते हुए कर्मचारियों को डयूटी पर तैनात किया गया है। कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द है।



इन मानकों पर मिलती है फायर एनओसी



-भवन का नक्शा नगर निगम से पास होना चाहिए

-आने जाने के लिए खुले रास्ते होने चाहिए



-आग बुझाने के लिए प्रर्याप्त संख्या में यंत्र होने चाहिए

-संस्थान के एक कर्मचारी आग बुझाने का प्रशिक्षण होना चाहिए



-दमकल वाहनों के आने जाने के लिए प्रर्याप्त स्थान होना चाहिए

वर्जन



निदेशालय की ओर से जो भी निर्देश आते हैं। उनके आधार पर कार्रवाई की जाती है, जिन अस्पतालों के पास एनओसी नहीं है। उनकी रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाएगी। इसके बाद पहले नोटिस दिया जाता है और आदेश होने के बाद ही सीलिंग की कार्रवाई होती है। इसके अलावा जैसे जैसे निर्देश आएंगे अन्य संस्थानों और भवनों की भी जांच की जाएगी।
विज्ञापन


-तरसेम राणा, मुख्य फायर अधिकारी, अंबाला शहर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें