अंबाला। पहले धरना, फिर किसान आंदोलन में डयूटी और अब शुरू हुई गिरदावरी। वेतन बढ़ोतरी को लेकर जिले के पटवारी 38 दिनों तक धरने पर बैठे रहे। इसके बाद जैसे ही पटवारी काम पर लौटे तो किसान आंदोलन में उनकी डयूटी लगा दी गई। इसके बाद अब सोमवार से सभी पटवारियों ने गिरदावरी का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए पटवारी फील्ड में उतर चुके हैं। उन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में रेंगिया गांव , शेखाें माजरा गांव , नग्गल, खोजकीपुर, बब्याल,धन्यौडा सहित अन्य गांव में फसलों की गिरदावरी शुरू कर दी है।
प्रधान राजेश कुमार पटवारी ने बताया कि जिले में 34 पटवारी हैं। जिन्होंने तीन चार दिन से अपने-अपने सर्कल में आने वाले गांव में फसलों की गिरदावरी शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि फर्द रफ्तार के हिसाब से देखा जाता है कि कौन से गांव में किस किस समय फसल की गिरदावरी करनी है। इसके बाद वह गांव में जाते हैं और मौके पर ही नंबरदार और चौकीदार को भी बुला लिया जाता है। खसरा नंबर के हिसाब से देखा जाता है कि कितने एकड़ में कौन कौन सी फसल लगी हुई है। इसके बाद वह फसलों को चेक कर रिपोर्ट बनाते हैं। यह रिपोर्ट उपायुक्त के पास जाती है, जहां से वह डीएलआर के पास तथा वहां से सीधी सरकार के पास पहुंचती है। नायब तहसीलदार यशवंत ने बताया कि सोमवार से पटवारियों ने गिरदावरी शुरू कर दी है और यह पांच मार्च तक की जानी है।