अंबाला। बाढ़ का दंश अभी बरकरार है। ऐसा इसलिए, क्योंकि बाढ़ का पानी जरूर निकल गया है, मगर साइंस कारोबार को बर्बाद कर गया है। कारोबारियों का सामान, मशीनें, कच्चा और तैयार माल, दफ्तर, गोदाम और रिकॉर्ड ऐसी कोई चीज नहीं, जिसमें उन्हें नुकसान नहीं हुआ हो।
दो माह बाद अब जिन साइंस उपकरणों को बचाया जा सकता है। इसके लिए कारोबारी और उनके यहां कार्यरत कर्मचारी जद्दोजहद कर रहे हैं। मगर यहां भी निराशा ही हाथ लग रही है। अब बाजार में टिके रहने के लिए वह दूसरे संस्थानों ने अपने ऑर्डर तैयार करा रहे हैं जिसमें उन्हें अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है। ऐसे में उद्योग संचालकों को दो तरफ से मार पड़ रही है। इसके साथ ही इंडस्ट्रियल एरिया के साथ लगती विकासपुरी में कई छोटी इंडस्ट्रीज हैं, उनके यहां तो अभी भी पानी भरा है।
पहले बाढ़ से फिर गाद से सामान खराब
इंडस्ट्रियल एरिया स्थित क्वालिटी साइंटिफिक मेकेनिकल वर्क्स के संचालक धीरज बहल बताते हैं कि फैक्ट्री में जिन ऊंचे स्थानों में एसी लगा था, वहां तक पानी भर गया। करीब आठ फीट पानी फैक्ट्री के अंदर था। पानी निकला तो देखा कि गाद में मशीनें डूबी थी। पहले तो मिट्टी निकालने में परेशानी हुई। अब मशीनों को देखा तो कई खराब भी हो गईं। अब कुछ सामान बाहर से तैयार कराना पड़ रहा है। बीमा के लिए कंपनी जो दस्तावेज मांग रही है वह तो पहले ही पानी में खराब हो चुके हैं। अब जो उपकरण तैयार थे वह भी बाढ़ के पानी और गाद में खराब हो गए। जिनको एक तरफ रख दिया है, अब इन्हें देखकर भी दुख लगता है।
असमंजस : मशीनें ठीक होंगी या नहीं
इंडस्ट्रियल एरिया स्थित साइंटिफिक इंडिया के संचालक राजेश अग्रवाल बताते हैं कि वह माइक्रोस्कोप बनाने का काम करते हैं। फैक्ट्री में बाढ़ का पानी घुसा तो पूरा सामान खराब हो गया। जो अभी एक तरफ रख दिया है। दीवारें, फर्नीचर, मशीनें सभी खराब हो गए हैं। समझ नहीं आ रहा कि काम कहां से शुरू कराया जाए। मुआवजे के लिए आवेदन किया है मगर अभी तक हमारे पास कोई जानकारी लेने नहीं आया। अब लगता है कि नई मशीनें खरीदनी पड़ेंगी, यह मशीनें सही होंगी या नहीं यह भी नहीं पता।
रिकॉर्ड हो गया खराब, कैसे लें बीमा
विकास पुरी स्थित साइंटिको मेडिको इंजीनियरिंग इंस्ट्रूमेंट्स के संचालक अभिषेक बताते हैं कि हमारे क्षेत्र में अभी भी जलभराव है। फैक्ट्री के पीछे और आगे अभी भी पानी भरा हुआ है। हमारे उपकरण बाढ़ में खराब हो गए जब उन्हें साफ किया तब भी ठीक नहीं हुए। अलमारियों में जो रिकॉर्ड, बिल आदि की फाइलें थी वह भी खराब हो गईं। अब बीमा कंपनी या मुआवजे के लिए कहते हैं कि बिल दो। कहां से लाएं बिल। यहां तक कि फैक्ट्री से गाद निकालने के लिए 15000 रुपये में लेबर बुलानी पड़ी। बाढ़ से छह लैपटॉप खराब हो गए, जो अब ठीक भी नहीं हो रहे हैं। इसमें काफी नुकसान हुआ है।
अंबाला का साइंस उद्योग काफी पिछड़ गया है। इसे सरकार के सहारे की आवश्यकता है। कई उद्योग संचालक अभी तक क्षतिपूर्ति पोर्टल पर जानकारी अपलोड नहीं कर सके हैं क्योंकि उनके यहां काफी सामान खराब हुआ है। हमें मुआवजे की प्रक्रिया को और आसान बनाने की आवश्यकता थी।
-गौरव सोनी, महासचिव, अंबाला साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट मैन्युफेक्चर्स एसोसिएशन (असीमा)
साइंटिको मेडिको इंजीनियरिंग इंस्ट्रूमेंट्स के संचालक अभिषेक
साइंटिको मेडिको इंजीनियरिंग इंस्ट्रूमेंट्स के संचालक अभिषेक
साइंटिको मेडिको इंजीनियरिंग इंस्ट्रूमेंट्स के संचालक अभिषेक
साइंटिको मेडिको इंजीनियरिंग इंस्ट्रूमेंट्स के संचालक अभिषेक
साइंटिको मेडिको इंजीनियरिंग इंस्ट्रूमेंट्स के संचालक अभिषेक
साइंटिको मेडिको इंजीनियरिंग इंस्ट्रूमेंट्स के संचालक अभिषेक
साइंटिको मेडिको इंजीनियरिंग इंस्ट्रूमेंट्स के संचालक अभिषेक