अंबाला। एक निजी फर्म में कार्यरत युवक रिंकू से उसके परिचित ने पहले सेना की वर्कशॉप में लगाने और आगे चलकर विदेश भेजने के नाम पर साढ़े चार लाख रुपये ठग लिए। मामले में थाना पंजोखरा में धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोपी भारतीय सेना में हवलदार के पद पर कार्यरत बताया जाता है। आरोपियों ने पीड़ित को दुबई भेज तो दिया मगर फिर वहां और रुपयों की मांग करने लगे। इसके बाद जब रुपये नहीं दिए तो दुबई से वापस बुला लिया।
छावनी के टुंडला निवासी शिकायतकर्ता रिंकू पुत्र दयाल चंद ने बताया कि वह मर्देपुरा नजदीक शंभू में स्थित एक निजी फर्म में काम करता था। जहां 25-26 हजार रुपये कमा लेता था। पटियाला के मिर्जापुर गांव निवासी गुलजीत सिंह भारतीय सेना में हवलदार के पद पर कार्यरत है। शिकायतकर्ता ने बताया कि गुलजीत सिंह के साथ उसकी जानकारी उसके सगे भाई बलजीत सिंह के माध्यम हुई। गुलजीत सिंह ने विश्वास दिलाया कि वह आर्मी में सिविल सर्विस दिलवा देगा। इसके लिए कुछ पैसे देने होंगे। उसने गुलजीत सिंह को पैसे देने के लिए हां कर दी। कुछ दिन बाद गुलजीत सिंह ने उसे सूचित किया कि उसकी आयु अधिक हो गई है इसलिए आर्मी में नहीं हो सकता। उसने कहा कि मैं आपको विदेश भेज देता हूं और उसने पूर्तगाल भेजने का ऑफर दिया। इस बात पर मैं पुर्तगाल जाने के लिए सहमत हो गया। मैं उसकी बातों में आ गया और पूर्तगाल के लिए 4,50,000 रुपये दिए। उसने मुझे आश्वासन दिया कि पहले दुबई जाना पड़ेगा और कुछ दिन दुबई में रखकर उसके बाद पूर्तगाल भेज दिया जाएगा।
अनैतिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए डाला दबाव
रिंकू ने बताया कि वह दुबई गया। उसके साथ एक अन्य व्यक्ति अमरिन्दर भी गया था। दुबई पहुंचने के बाद फिर से साढ़े तीन लाख रुपये की मांग की गई। रिंकू ने बताया कि उसका एक दुबई में बैंक खाता भी खुलवाया। आरोपी उसको गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने के लिए दबाव डालता रहा। यहां तक कि गुलजीत ने आतंकवादियों का साथ देने की बात कही और रुपयों का लालच दिया। रिंकू का आरोप है कि गुलजीत के मामले में सुरक्षा एजेंसी जांच करें। इसके कई मामले सामने आ सकते हैं।