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Ambala News: ट्रेनों में चढ़ने के लिए मारामारी

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अंबाला। होली के कारण सभी रेलगाड़ियां भरकर चल रही हैं। ट्रेनों में आरक्षण भी वेटिंग में चल रहा है। ऐसे में ट्रेनों में सफर करना जान जोखिम में डालने के समान है। इस दिक्कत का नजारा अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर कभी भी देखा सा सकता है।
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शनिवार को अमृतसर से अंबाला पहुंची आम्रपाली एक्सप्रेस में ऐसा ही नजारा देखने को मिला। इस ट्रेन में चढ़ने के लिए लगभग 20 मिनट तक पिता-पुत्र जद्दोजहद करते रहे। इस दौरान पुत्र को जैसे-तैसे कोच में चढ़ा दिया, लेकिन पिता नहीं चढ़ पाए। इसके बाद पुत्र भी नीचे उतर आया। यह कोशिश दोबारा हुई, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। हार और निराश होकर दोनों ट्रेन के नजदीक असहाय की तरह खड़े हो गए। इस मौके पर उनकी मदद करने के लिए न तो आरपीएफ थी और न ही जीआरपी। ऐसे ही हालात अन्य यात्रियों के भी थे। इनमें से कुछ जान जोखिम में डालकर कोच के दरवाजों पर खड़े गए तो कुछ दरवाजों पर ही लटक गए जबकि कुछ ने कोच के शौचालय को ही अस्थायी डेरा बना लिया।
हैरानी की बात है कि त्योहारों के दिनों में रेलवे की ओर से यात्री सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं कि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। इसका सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार भी किया जाता है, लेकिन यह सुविधाएं अंबाला कैंट स्टेशन पर कहीं नजर नहीं आई। इस कमी का खामियाजा आम यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।
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विशेष रेलगाड़ियों की जानकारी ही नहीं
स्टेशन पर आने वाले अधिकतर यात्रियों को स्पेशल ट्रेनों की जानकारी नहीं होती, उन्हें तो वो ही गिनी-चुनी ट्रेनें याद हैं, जिनमें वो अक्सर सफर करते हैं। जबकि स्पेशल ट्रेनों की जानकारी देने के लिए कर्मचारियों को विशेष निर्देश भी दिए थे, जिससे कि यात्री बिना किसी परेशानी के आराम से सीट पर बैठकर सफर कर सकें।
मौखिक आदेशों तक सीमित कार्रवाई
त्योहारों पर हमेशा स्टेशन पर भीड़भाड़ रहती है, लेकिन भीड़भाड़ पर नियंत्रण रखने वाले सुरक्षा कर्मचारी नदारद रहते हैं। अगर कभी हादसा हो जाए तो फिर सुरक्षा के इंतजाम किए जाते हैं, अन्यथा मौखिक आदेशों को दरकिनार करते हुए स्टेशन पर अव्यवस्थाओं का आलम रहता है। इसकी किसी को परवाह नहीं होती फिर चाहे हादसे में किसी की जान ही क्यों न चली जाए।
वर्जन
त्योहारों के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निगरानी और यात्रियों की सहायता के निर्देश दिए हैं। अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी और संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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एमएस भाटिया, डीआरएम अंबाला।
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