अंबाला। भ्रूण लिंग जांच के नाम पर शातिर ठगी के नए-नए तरीके निकाल लेते हैं। अंबाला में ऐसे ही एक नए गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। जो गर्भवती महिलाओं को लड़के और लड़की की जांच का झांसा देकर हजारों रुपये ठगता है।
ये ठग सामान्य अल्ट्रासाउंड के नाम पर बधाई हो लड़का होगा...की बात कहकर ठग लेते हैं। इस गिरोह का भंडाफोड़ अंबाला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को छावनी में एक निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर के बाहर दबिश देकर पकड़े दलाल और उसके साथी से किया। पकड़े गए आरोपियों में मनोज अंबाला सिटी नागरिक अस्पताल का चतुर्थी श्रेणी कर्मचारी निकला और दूसरा दलाल कुमार पहले सिटी के नागरिक अस्पताल में काम कर चुका था। जैसे ही स्वास्थ्य विभाग की टीम गाड़ी में बैठाकर अंबाला कैंट थाने से कुछ दूरी पर पहुंची तो अचानक दलाल कुमार हाथ छुड़ाकर कार से उतरकर फरार हो गया।
साइबर सेल की भी ली मदद
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दलाल कुमार को फिर से पकड़ने के लिए साइबर सैल की भी मदद ली, लेकिन देरशाम तक इंतजार करने के बाद भी कोई सफलता हाथ नहीं लगी। पुलिस ने दलाल के साथी को पकड़कर अंबाला कैंट पुलिस को सौंप दिया और मामला दर्ज कराया। कुमार को पकड़ने के लिए पुलिस की दबिश जारी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम में डॉ. बलविंद्र कौर, डॉ. विपिन भंडारी, डॉ. हितार्थ, क्लर्क मनीष, दविंद्र और ललित मौजूद रहे।
नप कार्यालय के पास खड़ी की थी गाड़ी
उधर, जो मुख्य दलाल स्वास्थ्य विभाग की टीम का हाथ छुड़वाने के बाद चलती गाड़ी में से भाग गया था उसकी गाड़ी नगर परिषद कार्यालय से कुछ ही दूरी पर खड़ी थी। ऐसे में टीम ने शाम तक उसके लौटने का इंतजार किया, लेकिन आरोपी कुमार विभाग के जाल में नहीं फंसा। आखिर में अंबाला कैंट पुलिस की मदद से दलाल की गाड़ी को भी जब्त कर थाने ले आए।
अस्पताल से चल रहा था खेल, वसूले थे 45 हजार
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से पीसीपीएनडीटी अधिकारी डॉ बलविंद्र कौर के मुताबिक छावनी नागरिक अस्पताल में आने वाली गर्भवती महिलाओं को ही झांसे में लेकर यह खेल रचा जा रहा था। स्वास्थ्य विभाग ने सूचना मिलने के बाद अंबाला सिटी नागरिक अस्पताल का चतुर्थी श्रेणी कर्मचारी मनोज अपने साथी संग मिलकर लिंग जांच करवाता है। विभाग ने एक पांच माह की डिकोय (नकली ग्राहक) गर्भवती महिला को तैयार किया और उसके जरिए मनोज से बातचीत शुरू कर दी। दलाल मनोज ने 45 हजार रुपये मांगे थे। पहले तो शनिवार को 10 हजार और फिर सोमवार को 35 हजार रुपये दिए थे। ऐसे में दलाल पहले तो दूसरे आरोपी कुमार के साथ गर्भवती महिला को सिटी के एक सेंटर में लेकर पहुंचा और कार्ड पर गर्भवती महिला को रेफर करवाने के बाद और वहां से सीधा एक अन्य निजी अस्पताल ले गया। जहां पर सामान्य अल्ट्रासाउंड लिखवाने के बाद वह अंबाला कैंट अल्ट्रासाउंड रूम में पहुंचा। जहां दोनों ने महिला का अल्ट्रासाउंड को सामान्य करवाया और बोला कि बधाई हो कि लड़का होगा...। ऐसे में ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके से दोनों को काबू कर लिया था। विभाग की टीम ने जब जांच की तो पाया कि वो सामान्य अल्ट्रासाउंड है जो गर्भवती महिलाओं का होता है।
नागरिक अस्पताल के ही पूर्व कर्मचारी है दलाल
डॉ. बलविंद्र कौर ने बताया कि मुख्य दलाल पहले अंबाला सिटी नागरिक अस्पताल में ही काम करता था, लेकिन विभाग की तरफ से काफी समय पहले उसे हटाया दिया था। ऐसे में वो दलाल अब एक निजी सेंटर में काम करता है और वहीं से वह गर्भवती महिलाओं से संपर्क में आता था और उन्हें लड़का होने की जांच करवाने का झांसा देता था। यह दलाल इतना शातिर था कि गर्भवती महिलाओं को पूरी तरह से विश्वास दिलाने के लिए बोलता था कि उसे पास कई और ग्राहक हैं उसे थोड़ा समय लगेगा। फिर काम कराता था।
वर्जन
अंबाला में हमें कुछ समय पहले से शिकायत मिल रही थी कि कुछ दलाल गर्भवती महिलाओं को झूठा झांसा देकर ठग रहे हैं। हमने जाल बिछाकर पकड़ा तब मामला खुलकर सामने आया। मामले की जांच की जा रही है।
-डॉ. बलविंद्र कौर, नोडल अधिकारी, पीसीपीएनडीटी