अंबाला सिटी। मिशन बुनियाद प्रोजेक्ट के तहत जिले के पांच सेंटरों पर पढ़ रहे विद्यार्थियों से वार्षिक व मासिक फीस नहीं ली जाएगी। इन विद्यार्थियों को दी जाने वाली किताबों, वर्दी व स्टेशनरी की राशि भी उनके खाते में आएगी। इससे मिशन बुनियाद में आईटी व नीट की प्रतियोगी परीक्षा की कोचिंग लेने वाले विद्यार्थियों को काफी फायदा होगा।
जानकारी के अनुसार जिले के राजकीय स्कूलों में 8वीं कक्षा में पढ़ रहे विद्यार्थियों की खंड व जिला स्तर पर परीक्षा करवाई जाती है। जो विद्यार्थी इस परीक्षा में उत्तीर्ण होते हैं तो उनका मेरिट के आधार पर मिशन बुनियाद सेंटर में दाखिला होता है। इस सेंटर में विद्यार्थी सुपर-100 प्रतियोगी परीक्षा के लिए कोचिंग लेते हैं। जिसमें आईटी व नीट शामिल हैं। पहले राजकीय स्कूलों से मिशन बुनियाद में चयनित विद्यार्थियों से वार्षिक व मासिक फीस ली जाती थी। अभिभावकों के आवाज उठाने के बाद अब सरकार ने इन विद्यार्थियों से फीस नहीं लेने का फैसला लिया है। विद्यार्थियों से सीबीएसई माध्यम से चलने वाले राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल की फीस ली जाती थी। यही नहीं अभी विकल्प फाउंडेशन सुपर-100 के अंतर्गत विद्यार्थियों को रेवाड़ी में प्रशिक्षण दिया जाता है। बताया जा रहा है कि अब कुरुक्षेत्र में भी फाउंडेशन का नया कैंपस खुलने की उम्मीद है।
विद्यार्थिी आईटी व नीट प्रतियोगी परीक्षा की करते हैं कोचिंग
बुनियाद योजना के तहत परीक्षा के माध्यम से जिले से 9वीं कक्षा में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन किया जाता है। इन विद्यार्थियों को सेंटर में दो वर्ष के लिए निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग दी जाती है। ये विद्यार्थी अपनी रेगूलर पढ़ाई भी कर सकते हैं और दो वर्ष की ऑनलाइन कोचिंग लेने के बाद विद्यार्थी सुपर-100 के अंतर्गत आईटी व नीट की प्रतियोगी परीक्षा की कोचिंग के लिए परीक्षा दे सकते हैं। चयनित विद्यार्थियों को दो वर्ष यानी 11वीं व 12वीं में आईटी व नीट प्रतियोगी परीक्षा के लिए निशुल्क कोचिंग दी जाएगी। वहीं, योजना में नए सत्र के लिए पंजीकरण दिसंबर माह के पहले सप्ताह से शुरू होंगे। जनवरी से मार्च माह तक तीन स्तर पर परीक्षा करवाई जाएगी।
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जिले में पांच स्कूलों में चल रहे सेंटर
मिशन बुनियाद के अंतर्गत शिक्षा विभाग हरियाणा और विकल्प फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में पूरे हरियाणा में 103 सेंटर चल रहे हैं। अंबाला जिले में पांच स्कूलों में ये केंद्र बनाए गए हैं। इनमें अंबाला शहर के पुलिस लाइन राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल, अंबाला छावनी बकरा मार्केट, नारायणगढ़, शहजादपुर और बराड़ा स्कूल शामिल हैं। वहीं, योजना के तहत बच्चों को निशुल्क शिक्षा के अलावा किताबें, स्टेशनरी, यूनिफार्म भी दी जाती हैं और आने जाने का किराया भी दिया जाता है। योजना के अनुसार स्कूल से दूर अन्य गांव से आने वाले विद्यार्थियों को 6 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया दिया जाता है।
वर्जन
मिशन बुनियाद के तहत सेंटरों पर पढ़ रहे विद्यार्थियों से फीस नहीं ली जाएगी। किताबों, वर्दी व स्टेशनरी के पैसे भी विद्यार्थी के खाते में आएंगे। नए सत्र के लिए पंजीकरण प्रक्रिया भी दिसंबर माह में शुरू होगी। इसके लिए स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम किए जाएंगे ताकि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थी पंजीकरण कर सकें।
पूजा भारद्वाज, जिला विज्ञान विशेषज्ञ, अंबाला।