अंबाला। केंद्रीय विद्यालय नंबर तीन में पढ़ रहे नौवीं कक्षा के छात्र गौरव उर्फ गोलू की हत्या फिरौती मांगने के बाद नहीं, बल्कि पहले ही हो चुकी थी। परिजनों के मुताबिक फिरौती का जो पत्र था वो वीरवार शाम करीब सात बजे मिला। जबकि शव करीब डेढ़ से दो दिन पुराना लग रहा है। जो गर्मी के कारण गल रहा था।
इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आरोपी का फिरौती मांगना या तो परिजनों को गुमराह करना होगा या पैसे और गहने वसूलना। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। फरार कार के असल मालिक अश्वनी का पता लगाने के लिए पुलिस ने उसके परिजनों को थाने में बुलाकर पूछताछ शुरू कर दी है, जिस घर के सामने कार मिली संबंधित व्यक्ति को भी बुलाकर जांच की जा रही है।
जबकि असल कार मालिक अश्वनी की तलाश के लिए टीमों का गठन कर दिया है। जो जगह-जगह दबिश दे रही है। उधर, फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉक्टरों की ओर से गोलू के नाखून को डीएनए जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस को गाड़ी की जांच के दौरान एक डायरी, बैंक की कुछ पासबुक, कांच का गिलास और पानी की बोतलें मिली थी, जिन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया है।
बहन के नाम था फिरौती का पत्र
तेरा भाई हमारे पास है, सही सलामत है। अगर भाई सही सलामत देखना चाहते हो तो पुलिस को किसी को बताने की जरूरत नहीं है। तुम हमारी मदद कर दो, हम तुम्हारा भाई लौटा देंगे। अगर कोई चालाकी की तो इसे मारकर घर पहुंचा देंगे। आज रात साढ़े आठ बजे जितना भी सोना-चांदी और बैंक से कम से कम चार लाख रुपये लेकर जग्गी सेंटर के फर्स्ट एग्जिट गेट पर एक्टिवा में रखकर चुपचाप चले जाना। किसी तरह की कोई हरकत करने की कोशिश मत करना।
कार मालिक फरार, पहले खुद तलाश रहा था गोलू को
इस हत्याकांड मामले में कार के जिस मालिक की तलाश की जा रही है वो गोलू के तीन अप्रैल से लापता होने के बाद से ही तलाश में जुटा था। परिजनों के संग कभी कहीं तो कभी कहीं जा रहा था। बताया जाता है कि फिरौती का जो पत्र था वो भी कार का असल मालिक अश्वनी ने ही घर पर लाकर दिया था। कहा था कि वह उसे उसकी गाड़ी के ऊपर मिला है। इसके बाद परिजन पत्र को लेकर इलाका पुलिस थाने पहुंचे और वहां से पुलिस भी सादे कपड़ों में उनके साथ पहुंची। उस समय भी अश्वनी परिजनों के संग था और मौके पर गया था। ऐसे में शुक्रवार को वह कार को भी हिम्मतपुरा रिंकू के घर के पास छोड़ गया था। तभी से वह लापता हो गया है। इस तरह पूरे मामले की सुई अश्वनी पर अटकी हुई है।
कार भी गिरवी रखने की बात आई सामने
उधर, पुलिस जब दुधला मंडी पहुंची और कार के मालिक का पता किया तो वो ठीक उसके सामने घर में रिंकू की बताई। ऐसे में रिंकू भी मौके पर पहुंच गया और उसने कहा कि यह कार हिम्मतपुरा निवासी अश्वनी ने पैसे उधार लेने के एवज में गिरवी रखी है। अश्वनी उसे दो माह से पैसे नहीं लौटा रहा था तो उसने पैसे मांगे थे। इसलिए अश्ववी वीरवार को ही कार लेकर गया था और बोला कि कार बेचकर पैसे दे देगा। जब वो वापस नहीं आया तो उससे गाड़ी वापस करने को कहा था। इसलिए शुक्रवार को अश्वनी ने बस स्टैंड के पास पार्किंग से उसे गाड़ी निकालकर दी थी। जबकि अश्वनी उनके साथ ही हिम्मतपुरा तक आया था। कार खड़ी करने के बाद दो घंटे बाद बदबू फैली और शव मिला।
वर्जन
प्राथमिक जांच में तो दम घुटना ही मौत का कारण लग रहा है लेकिन डॉक्टर की फाइनल रिपोर्ट से ही मौत का कारण पता चलेगा।
रजत गुलिया, अंबाला कैंट डीएसपी
वर्जन
पूरे प्रोटोकॉल के तहत गोलू का पोस्टमार्टम हुआ है। फाइनल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। डीएनए टेस्ट के लिए नाखून व हड्डी को भी मधुबन लैब में भेज गया है। इसके अलावा विसरा आदि को भी जांच के लिए भेज गया है। मृतक की शरीर पर जो छाले पड़े हैं और वो फूल गई है वो बाडी डीवार्मिंग के लक्षण हैं।
डॉ. विपिन भंडारी, फोरेंसिक एक्सपर्ट अंबाला
फोटो नंबर - 62, 63
साइड स्टोरी का बॉक्स...
मन्नतों से बेटे होने पर कराया था भोजन
अंशु शर्मा
अंबाला। चार बहनों के इकलौते भाई की हत्या ने पूरे परिवार को भीतर से तोड़कर रख दिया। विलाप करते हुए बहनें और मां कई बार गश खाकर गिर गई तो सबसे छोटी बहन भाई की मौत को सच नहीं मान रही थी।
गली-मोहल्ले की महिलाएं परिवार को सांत्वना दी। जिसने भी यह नजारा देखा तो उसकी आंखें नम हो गई। उधर, अस्पताल में आंसू भरी आंखों को मलते हुए पिता देवीशहाये के जुबान से केवल यहीं शब्द निकल रहे थे कि मन्नतों के बाद मिला था और इतना ही सफर था। एक जुलाई को ही जन्मदिन था और क्या-क्या सोच रखा था कि सत्संग कराऊंगा और पूरे हिम्मतपुरा को भंडारे के रूप में भोजन करवाउंगा।
जैसा तेरे मन्नतों के बाद होने पर किया था। उधर, बहनों की यह बात कहते हुए आंसू नहीं थम रहे थे कि अब राखी किसे बांधेगी। कौन उनका ख्याल रखेगा। परिजनों ने बताया कि गौरव पूरे मोहल्ले वालों का चाहने वाला था और उनका कोई काम मना नहीं करता था। पढ़ाई में भी अच्छा था।