अंबाला सिटी। शहर में आवारा कुत्तों से लोगों में दहशत है। यहां हर रोज आठ से 10 मामले कुत्तों के काटने के आ रहे हैं। निगम हाउस की दो बैठकों में मुद्दा उठने के बाद भी कुत्तों की नसबंदी का टेंडर नहीं हो सका। बीते दिनों निगम ने टेंडर लगाया भी था, मगर किसी ठेकेदार ने दिलचस्पी नहीं दिखाई।
अभी हाल ही में हुई निगम की बैठक में पार्षदों ने इस मुद्दे को उठाया, लेकिन हंगामा बढ़ने के कारण इस पर चर्चा नहीं हो पाई। इससे मामला एक बार फिर अटक गया। अस्पतालों में भी कुत्तों के काटने के केस लगातार बढ़ रहे हैं। आज स्थिति यह हो गई है कि लोगों का रात के समय बिना डंडों के निकला मुश्किल हो गया है। छोटे बच्चे और बुजुर्ग घर से बाहर निकलने में डरने लगे हैं। शहर की कॉलोनियों से ज्यादा केस सामने आ रहे हैं, क्योंकि सेक्टरों से ज्यादा कॉलोनियों में समस्या सामने आ रही है।
वाहनों के पीछे दौड़ते हैं कुत्ते
शाम होते ही कुत्तों का जमावड़ा शहर की सड़कों पर होता है। रात में कुत्ते सड़क पर बैठे रहते हैं और यह वाहन आता देख पीछे दौड़ने लग जाते हैं। कॉलोनी की गलियों में भी पैदल जा रहे लोगों को कुत्ते शिकार बना रहे हैं। सिविल अस्पताल में वैक्सीनेशन के लिए रोजाना लोग पहुंच रहे हैं। लोगों को यहां वैक्सीनेशन के लिए अलग विंग बनाया है। रोजाना आठ से 10 मामले कुत्तों के काटने के आ रहे हैं।
घर के बाहर बच्ची को नोंचा, घायल
शनिवार को छावनी के दयाल बाग में आठ साल की बच्ची खुशी को आवारा कुत्ते ने पैैर में नोच लिया था। बच्ची के गिरने के बाद वह उठकर भागने लगी तो काफी बड़ा घाव हो गया था। हालांकि घाव पर टांके नहीं लगे, लेकिन एंटीरैबीज के इंजेक्शन लगाकर उसे भेज दिया। आगे भी अन्य इंजेक्शन लगेंगे। ऐसे में परिजनों ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ रोष जताया था।
निगम अधिकारियों से मिलेंगे : प्रीति
वार्ड-20 की पार्षद प्रीति सूद ने कहा कि जंडली की मार्केट में रात को बेसहारा गोवंश, आवारा कुत्तों की वजह से लोगों की परेशानी बढ़ रही है। शाम होते ही मार्केट में यह अपना जमावड़ा रहता है। कई लोगों को बेसहारा गोवंश ने उठाकर भी पटका है और कुत्ते काटने के मामले भी सामने आ रहे हैं। इस समस्या के लिए वह नगर निगम अधिकारियों से मिलेंगी।
फिर लगाएंगे टेंडर : संदीप
मनोनीत पार्षद संदीप सचेदवा ने बताया कि निगम ने कुत्तों की नसबंदी के लिए टेंडर लगाया था। अभी तक किसी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब निगम दोबारा टेंडर लगा रहा है। इस मुद्दे पर निगम हाउस बैठक में भी चर्चा की जानी चाहिए थी, मगर एजेंडा में ऐसे मुद्दे ही रखे गए, जिनका निगम हाउस बैठक से कोई लेना-देना नहीं था। शहर की समस्याओं को लेकर निगम अधिकारी गंभीर नहीं है।
गैरजरूरी मुद्दों पर हुई चर्चा : टोनी
वार्ड-4 के पार्षद विजय चौधरी टोनी ने कहा कि कुत्ते लोगों को नोंच रहे हैं, निगम चुप बैठा है। एजेंडा में ऐसे मुद्दे शामिल किए थे, जिन पर चर्चा करने की जरूरत नहीं थी, जिन मुद्दों जैसे आवारा कुत्ते, बेसहारा गोवंश, प्रॉपर्टी आईडी, एनडीसी पर चर्चा करने की जरूरत थी। उनके बारे में निगम का कोई अधिकारी बात नहीं कर रहा। शहर में पिटबुल, अमेरिका बुली, रोट व्हीलर जैसे कुत्तों को बैन करना चाहिए।
टेंडर लगा पर अलॉट नहीं हुआ : शक्ति रानी
नगर निगम की मेयर शक्ति रानी शर्मा ने कहा कि कुत्तों की नसबंदी के लिए निगम ने पहले टेंडर लगाया था। तब किसी भी एजेंसी ने टेंडर लेने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब निगम ने दोबारा टेंडर लगाया है। अभी यह अलॉट नहीं हुआ है।
छावनी में भी नसबंदी का टेंडर अटका
अंबाला। कैंटोनमेंट बोर्ड लगातार कुत्तों की नसंबदी कर रहा है। दूसरी ओर नगर परिषद अब तक टेंडर प्रक्रिया में उलझा है। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। आवारा कुत्तों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। पहले रात को घर से निकलना मुश्किल था, अब दिन में भी मुश्किल हो रही है।
रोजाना 10 से 15 मामले छावनी के सिविल अस्पताल में आ रहे हैं। बावजूद इसके अब तक नगर परिषद दस्तावेजों में उलझा है। दूसरी तरफ कैंटोनमेंट बोर्ड ने 700 से अधिक कुत्तों की नसबंदी कर दी है। अगर कुत्ता काटने के आंकड़ों पर बात करें तो पाएंगे कि यहां एक या दो ही मामले कुत्ता काटने के सामने आते हैं। इनमें से कुछ पालतु कुत्तों ने अपने मालिकों को काटा है।
वर्जन
कुत्तों की नसंबदी का टेंडर कई बार लगाया गया। कुछ ठेकेदारों ने आवेदन भी किया, लेकिन जटिल नियमावली के चलते अभी तक टेंडर फाइनल नहीं हो पाया है। इसलिए देरी हो रही है। इसका विकल्प ढूंढा जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही टेंडर फाइनल हो जाएगा।
विनोद बैनीवाल, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद सदर।
नगर निगम मेयर शक्ति रानी शर्मा।
नगर निगम मेयर शक्ति रानी शर्मा।
नगर निगम मेयर शक्ति रानी शर्मा।
नगर निगम मेयर शक्ति रानी शर्मा।