फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ambala News: पिता की मौत ने झकझोरा, दर्द ने तोड़ा, सपना पूरा करने को लगाए गोते

विज्ञापन
विज्ञापन
अंबाला। पिता के सपने को पूरा करने के लिए चौथी कक्षा में तैराकी शुरू की और कोच बनने के मुकाम को हासिल करने के लिए जी जान लगा दी। अब ऊंचाइयां हासिल करने का मौका आया तो पिता साथ छोड़ गए। इस दर्द ने झंझोर कर रखा दिया। इसके बावजूद पिता के सपने को याद कर मैदान में उतरी व पदक झटका। यह संघर्ष की कहानी है कि अंबाला छावनी के मतिदास नगर निवासी 17 वर्षीय प्रथा मेहता की।
विज्ञापन

दो माह पहले ही प्रथा ने अपने पिता सुनीत मेहता को हार्ट अटैक के चलते खो दिया। परिवार में केवल पिता ही थे जो उसे एक बेस्ट खिलाड़ी के साथ-साथ स्वीमिंग कोच भी देखना चाहते थे। अभी वह उस सदमे से उभरी भी नहीं थी कि खेल महाकुंभ का मुकाबला आते ही पिता का सपना याद आया गया। हालांकि लंबे समय से प्रथा रीढ़ के पास सूजन के कारण दर्द भी झेल रही है लेकिन इस महा मुकाबले में उतरने की ठानी।
इसी जोश, जुनून के साथ प्रथा ने 100 मीटर बैक स्ट्रोक के मुकाबले में उतरकर रजत पदक हासिल किया। प्रथा ने कहा कि वह आगे भी खेलती रहेगी और पिता के सपने को पूरा करने के लिए जी जान लगा देगी। बता दें कि प्रथा अंबाला छावनी के डीसी मॉडल स्कूल की छात्रा है। परिवार में मां व एक भाई है। अभी तक वह तैराकी की स्कूल स्तर की प्रतियोगिताओं में 25 से अधिक पदक हासिल कर चुकी है। नेशनल गेम्स की भी प्रतिभागी रह चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें