बराड़ा। पूर्व सरपंच की ओर से सरकारी कागजों में हेर-फेर करने और पंचायती जमीन कब्जाने के आरोपों के मामले में कार्रवाई न होने पर बुधवार को घेलड़ी गांव के पिता-पुत्र बीडीपीओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि वह मामले में कार्यालयों के चक्कर लगाकर थक चुके हैं और मजबूरन उन्हें यह रास्ता अपनाना पड़ा।
घेलड़ी गांव निवासी अशोक कुमार ने आरोप लगाया कि उनके गांव में पंचायती जमीन के दो नंबर थे 20 और 21। इस पर पूर्व सरपंच प्रवीण कुमार ने कब्जा कर लिया। अशोक कुमार ने बताया कि वह 2005 से 20210 में गांव में वो पंचायत सदस्य रहा। इस कारण उसे जानकारी थी कि गांव में कौन से नंबर की जमीन पंचायत की है।
इस बीच प्रवीण कुमार गांव के सरपंच रहे और उन्होंने दोनों नंबर पर कब्जा करके अपना घर बनाना शुरू कर दिया। जब अशोक ने उसे कहा कि यह पंचायती जमीन है तो प्रवीण कुमार ने कहा कि यह जमीन उसके दादा जगदीश सिंह के नाम है जो फिल्डबुक में भी दर्ज है।
अशोक कुमार ने बताया कि गांव में एससी चौपाल की जगह पर गांव के ही किसी व्यक्ति ने कब्जा किया हुआ था और वर्ष 1995 में एससी चौपाल से कब्जा हटवाने के लिए कोर्ट में केस डाला गया था और फिल्डबुक का रिकॉर्ड कोर्ट में दिखाया गया। इस पर कोर्ट ने फिल्डबुक को सही ठहराते हुए यह फैसला पंचायत के हक में सुनाते हुए कब्जा छुड़वाने के आदेश दिए थे।
उस समय यह इस फिल्डबुक की कॉपी कोर्ट के रिकॉर्ड में थी। अशोक कुमार ने बताया कि वर्ष 2022 में उन्होंने अंबाला कोर्ट से रिकॉर्ड निकलवाया तो उसमें दर्ज फिल्डबुक के अनुसार 21 नंबर जमीन पंचायत की है, वहीं जब आरटीआई के तहत बीडीपीओ कार्यालय से इसकी जानकारी मांगी तो यह जमीन प्रवीण कुमार के दादा जगदीश के नाम दिखा रही है।
अशोक कुमार ने इस संबंध में डीसी को शिकायत की, जिस पर डीसी ने बराड़ा एसडीएम को जांच के आदेश दिए। एसडीएम ने बराड़ा बीडीपीओ को रिकॉर्ड को आदेश दिए, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। अशोक कुमार ने बताया कि बीते दिनों उन्होंने मौजूदा एसडीएम अश्वनी मलिक से इस संबंध में शिकायत दी तो बीडीपीओ ने आश्वासन दिया कि वह इस संबंध में मामला दर्ज करवाएंगे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बीडीपीपीओ की ओर से कार्रवाई न करने पर शिकायतकर्ता ने जब बीडीपीओ कार्यालय में धरने देने की बात कही तो बीडीपीओ ने आनन-फानन में पूर्व सरंपच के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए बराड़ा थाने को लिखा। आज भी जब पिता-पुत्र धरने पर बैठे तो बीडीपीओ ने शिकायतकर्ता को धरने से उठाने के लिए पुलिस को कार्रवाई के लिए लिखित आदेश देते दिखाई दिए।
रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जिस भी सरपंच के कार्यकाल में रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की गई है वो रिकॉर्ड में जो भी आरोपी पाया जाता है, उसके खिलाफ कार्यवाही के लिए पुलिस को लिखा जाएगा।
सुशील मंगला, बीडीपीओ, बराड़ा