अंबाला। गरनाला गांव में गिरदावरी करने गए पटवारी की परेशानी उस समय बढ़ गई, जब किसानों ने पोर्टल न चलने पर विरोध शुरू कर दिया। किसानों ने पहले तो रोष जताया और पटवारी को खेतों में रोक लिया। करीब तीन घंटे तक पटवारी खेतों में ही खड़ा रहा और पोर्टल चलाने का प्रयास करता रहा। किसान मौके पर तहसीलदार को बुलाने की बात पर अड़े रहे। आखिर में पटवारी ने दोपहर एक बजे किसानों को आश्वासन दिया कि वह दोबारा से शाम को आएंगे और खेतों के हुए नुकसान का जायजा लेंगे।
हालांकि, शाम को पटवारी मौके पर दोबारा पहुंचे लेकिन पोर्टल फिर भी नहीं चलने के कारण मैनुअल ही खेतों के नुकसान को चढ़ाया। बाद में पटवारी ने पूरा मामला आलाधिकारियों के संज्ञान में डाला। उधर, किसानों का कहना था कि विभाग की तरफ से दिए गए पोर्टल पर पांच एकड़ तक की फसल की गिरदावरी के लिए ही आवेदन करने का प्रावधान है लेकिन पटवारी ऐसा न होने की बात बोल रहा था। वहीं पटवारी राजेश ने बताया कि उसे बंधक नहीं बनाया गया था। तहसीलदार को बुलाने की बात कहते हुए किसानों ने रोके रखा था। शाम को दोबारा गए तो फिर भी पोर्टल नहीं चला। बाद में मैनुअल तरीके से ही गिरदावरी की गई थी।