जलबेड़ा में कंबाइन से धान की कटाई कराते हुए किसान। संवाद
- फोटो : चिकित्सक की दुकान पर लगी लोगों की भीड
जलबेड़ा। एक सप्ताह के भीतर दो बार तेज हवाओं और बारिश ने किसानों की खुशियों पर पानी फेर दिया है। किसान प्रति एकड़ 35 से 40 क्विंटल पैदावार की उम्मीद लगाए थे। शुरुआती पैदावार 33 से 35 क्विंटल प्रति एकड़ रही, पर खेतों में पानी भरने से सामान्य कंबाइन नहीं चल पा रही। किसानों को चैन वाली कंबाइन का सहारा लेना पड़ रहा है, जो 4,000 रुपये प्रति घंटे किराया लेती है। एक एकड़ की कटाई में डेढ़ घंटा लगता है, जिससे खर्च 2,500 रुपये से बढ़कर 6,000 रुपये हो गया है। किसान तेजवीर सिंह, विजय कुमार, राजेंद्र कुमार और राजकुमार ने सरकार से मांग की है। उन्होंने कोऑपरेटिव सोसाइटियों के जरिये बेलर और चैन वाली कंबाइन रियायती दरों पर उपलब्ध कराने को कहा है। इससे फसल पर बढ़ता आर्थिक बोझ कम हो सकेगा। संवाद