अंबाला सिटी। 23 अगस्त से शहर के नई अनाज मंडी में धरने पर बैठे किसानों की हरियाणा सरकार ने मुख्य तीन मांगें मान ली हैं। भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के नेतृत्व में किसान सरकार की ओर से मांगें नहीं मानने के बाद शहर नई अनाज मंडी में धरने पर बैठे थे।
रविवार को हरियाणा सरकार की तरफ से एसडीएम सिटी दर्शन सिंह और डीएसपी अर्शदीप सिंह पहुंचे और उन्होंने किसानों को उनकी तीनों मांगों को पूरा करने का सरकार की तरफ से आश्वासन दिया। इसके बाद भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह ने पांच सितंबर को होने वाली किसान इंसाफ महापंचायत को स्थगित कर दिया है। भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरजीत सिंह मोहड़ी ने बताया कि नौजवान किसान रविंद्र सिंह को इंसाफ दिलाने के लिए किसान इंसाफ महापंचायत शहर के नई अनाज मंडी में पांच सितंबर को रखी थी। अब सरकार की ओर से मांगें मानने पर इसे स्थगित कर दिया है।
ये मांगें मानीं
उन्होंने बताया कि सरकार प्रदर्शन के दौरान पैर गंवाने वाले युवा किसान रविंद्र सिंह को पक्की नौकरी और इलाज का संपूर्ण खर्चा देगी। किसानों पर 22 अगस्त को चंडीगढ़ कूच के लिए अब तक जितने भी केस बनाए गए थे, वह सभी केस रद्द होंगे। साथ ही गन्ने की सारा बकाया भुगतान करीब 40 करोड़ एक महीने के अंदर करने का वादा किया है। अगले सप्ताह से इसके पैसे मिलने शुरू होंगे।
वर्जन
किसानों की मांगों पर सहमति बन गई है। इन मांगों में टांग कटने वाले किसान के इलाज का खर्च, सरकारी नौकरी व जो किसानों पर मामले दर्ज हुए थे उन्हें भी रद्द किया जाएगा। इस बारे में उपायुक्त अंबाला की तरफ से हरियाणा सरकार को लिखित में भेज गया है। इसकी एक कॉपी किसानों को भी सौंप दी गई है।
दर्शन कुमार, एसडीएम, अंबाला सिटी।