अंबाला। किसान आंदोलन-2 में दर्ज एफआईआर के आरोपी नवदीप सिंह जलबेड़ा और उसके साथी गुरकीरत को सीआईए-1 की टीम ने रविवार एक बार फिर कोर्ट में पेश किया। दो दिन का रिमांड खत्म होने के बाद पुलिस ने नवदीप का चार दिन का ओर रिमांड मांगा था, लेकिन कोर्ट ने केवल एक दिन का ही मंजूर किया। जबकि गुरकीरत को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
दो दिन के रिमांड में पुलिस ने नवदीप से फाॅरचूर्नर, डंडे बांस, कल्शील्ड बरामद की है। इसके अलावा पुलिस ने रिमांड मांगते हुए तर्क दिया है कि नवदीप से विदेशी फंडिंग की भी जांच करनी है। जबकि चंडीगढ़ नंबर की फाॅर्च्यूनर की आरसी सहित हिमाचल के ऊना बस स्टैंड के पास एक किराये के कमरे से गुलेल भी बरामद करनी है। बता दें कि नवदीप और उसके साथी गुरकीरत को सीआईए-1 की टीम ने 29 मार्च को पंजाब के मोहाली स्थित एयरपोर्ट से काबू किया था।
इस मुद्दे पर रखा तर्क
उधर, नवदीप पक्ष के अधिवक्ता रोहित जैन ने बताया कि कोर्ट में चार दिन के रिमांड के लिए पुलिस ने कहा था कि नवदीप को कुछ लोगों की वीडियो दिखाई है उन्हें राजस्थान से काबू करना है। साथ ही गुलेल बरामद करनी है। इसके अलावा फार्च्यूनर गाड़ी की आरसी चंडीगढ़ से बरामद करनी है और पता वेरिफाई करना है। पुलिस ने तर्क दिया है कि उन्हें शक है कि विदेश से फंडिंग आ रही है उसका भी पता करना है जो वो दो दिन के रिमांड में पता नहीं कर पाए। वहीं अधिवक्ता ने कोर्ट में कहा कि चार दिन का पुलिस रिमांड मांगना गलत है। ऐसा कोई आधार नहीं बनता। आंदोलन शांतिपूर्वक चल रहा था। मुकदमा दर्ज हुए डेढ़ माह का समय बीत चुका है। अभी तक जांच कर लेनी चाहिए थी। नवदीप केवल एक किसान है। पुलिस पर हमले की अभी तक कोई भी वीडियो और फोटो पेश नहीं किया। इसके अलावा विदेशी फंडिंग की बात शक के आधार पर कहना गलत है, शक के आधार पर ऐसा नहीं किया जा सकता। गुलेल से किसी को चोट नहीं लगी है।
वर्जन
कोर्ट में चार दिन का रिमांड मांगा था लेकिन एक दिन का मिला है। आरोपी से फार्च्यूनर गाड़ी सहित अन्य सामान बरामद हुआ है। कुछ आरोपियों के भी नाम सामने आए है जिन्हें जल्द ही काबू कर लिया जाएगा। विदेश फंडिंग जांच का विषय है।
इंस्पेक्टर हरजिंद्र, सीआईए-2 थाना प्रभारी