अंबाला। गर्मी के मौसम में यात्रियों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अंबाला मंडल ने तैयारी कर दी है ताकि प्राकृतिक नजारों के माध्यम से वो विश्व धरोहर कालका-शिमला सेक्शन की खूबसूरती को निहार सकें।
इसमें कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री में विस्टाडोम कोच और लखनऊ आरडीएसओ की ओर से तैयार की गई सेल्फ प्रोपेल्ड हाइड्रोलिक मल्टीपल यूनिट शामिल है जोकि उक्त रेल सेक्शन की शोभा बढ़ाएगी। इसके लिए जल्द ही दोबारा से फाइनल परीक्षण भी किया जाएगा। दूसरी तरफ रेलवे ने किराए को लेकर भी मुख्यालय स्तर पर मंत्रणा शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी अनुसार जल्द ही इस मुद्दे पर इस सप्ताह के अंत तक बैठक भी हो सकती है ताकि किराया निर्धारित होते ही उक्त दोनों ट्रेनों के संचालन को लेकर प्रक्रिया आरंभ की जा सके।
दो बार हो चुका परीक्षण
कालका-शिमला रेल सेक्शन पर विस्टाडोम कोच सहित सेल्फ प्रोपेल्ड हाइड्रोलिक मल्टीपल यूनिट का परीक्षण जनवरी माह में किया गया था जोकि पूरी तरह से सफल रहा था। इससे पहले दिसंबर माह में तकनीकी कारणों से यह सफल नहीं हो पाया था। लखनऊ की आरडीएसओ ने इस तकनीकी खामी को दूर करके इसे सफल बनाया था।
छह ट्रेनों का हो रहा संचालन
मौजूदा समय में कालका-शिमला रेल सेक्शन पर छह ट्रेनों का संचालन हो रहा है। इसमें ट्रेन नंबर 52455 हिमालयन क्वीन में एसी चेयर कार का किराया 265 रुपये और प्रथम श्रेणी का 475 रुपये है। इसी प्रकार ट्रेन नंबर 52451 शिवालिक डीलक्स एक्सप्रेस में प्रथम श्रेणी का किराया 595 रुपये, 52457 कालका-शिमला एक्सप्रेस में 265 और 475 रुपये, 04506 कालका-शिमला स्पेशल में प्रथम श्रेणी का किराया 475 रुपये और एसी कोच का किराया 630 रुपये, 52453 कालका-शिमला एक्सप्रेस की स्लीपर श्रेणी में 65 रुपये, स्पेशल कोच में 130 रुपये और प्रथम श्रेणी में 300 रुपये है। इसी प्रकार ट्रेन नंबर 52459 कालका-शिमला एक्सप्रेस में एसी कोच में 630 रुपये प्रति व्यक्ति की दर से किराया लिया जा रहा है।
वर्जन
कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री और लखनऊ आरडीएसओ द्वारा तैयार किए गए सेल्फ प्रोपेल्ड हाइड्रोलिक मल्टीपल यूनिट के परीक्षण के बाद अब दोनों ट्रेनों के संचालन की प्रक्रिया आरंभ की गई है, जिससे कि गर्मियों में यात्रियों को इसकी सुविधा मिल सके। इसके किराए के निर्धारण के लिए मंत्रणा की जा रही है।
नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला।
कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री में तैयार विस्टाडोम कोच। रेलवे