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डेंगू मरीज की सिटी की दौड़ खत्म, छावनी में मिलेगा इलाज

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छावनी के नागरिक अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन पहुंच गई है जिसके चलते डेंगू के मरीजों के प्लेटलेट्स अब छावनी के नागरिक अस्पताल में ही चेक हो जाएंगे। फिलहाल यह मशीन शुरू नहीं हो पाई है और कम से कम डेंगू के मरीजों को इसके लिए एक माह का इंतजार करना पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों की मानें तो डेंगू के साथ-साथ थैलेसीमिया और एड्स के मरीजों को इसका फायदा होगा। इन मरीजों को ब्लड कंपोनेंट मशीन के लिए पीजीआई व दूसरे जिलों की दौड़ लगानी पड़ रही थी जिसकी कमी मशीन आने के साथ ही पूरी हो गई। इस मशीन को लगाने के लिए कुछ औपचारिकताएं भी अभी बाकी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन की ओर से फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन विभाग (एफडीए) से जल्द ही इसकी अनुमति ले लेगा और उसके बाद एफडीए से लाइसेंस लेने के बाद मशीन अपना काम शुरू कर देगी। इस मशीन के आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसके निरीक्षण की प्रक्रियाएं शुरू कर दी है। अंबाला के अलावा यह मशीनें करनाल व रोहतक पीजीआई में भी मशीन उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो मशीन खून में शामिल तत्वों को अलग-अलग करती है। डेंगू के मरीजों को प्लेटलेट्स, बर्न के मरीजों को प्लाजमा, एफएफपी, एड्स के मरीजों को डब्ल्यूबीसी और थैलेसीमिया के मरीजों को आरबीसी की जरूरत पड़ती है। यह मशीन श्वेत रक्त कणिकाएं (डब्ल्यूबीसी), प्लेटलेट्स, लाल रक्त कणिकाएं (आरबीसी), प्लाजमा, फ्रेश फ्रोजन प्लाजमा (एफएफपी) को अलग कर देता है। ऐसे में मरीजों को फायदा होगा और डाक्टर मरीज की जरूरत के मुताबिक उसे पूरी बोतल खून चढ़ाने के बजाए आवश्यक तत्व ही चढ़ाएंगे।
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