उमेश भार्गव, अंबाला। प्रदेश की सभी जिला जेलों में अब एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट नियुक्त किए जाएंगे। ऐसे बंदी जिनकी रिहाई संभव है उनके लिए यह ईएम मौके पर ही सुनवाई के बाद आर्डर जारी करेंगे। इससे पहले इन सभी से सियोरिटी ब्रांड भी लिए जाएंगे। गृह सचिव जेल ने सोमवार को यह आदेश जारी किए। आदेशों में साफ किया गया है कि सभी जिलों में जिलाधीश (डीसी) अपने स्तर पर एक एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट जिला जेल के लिए नियुक्त करेंगे। इन एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट में तहसीलदार, बीडीपीओ या एसडीएम नियुक्त किया जा सकता है। इन आदेशों के बाद प्रदेश में सैकड़ों बंदियों की रिहाई की उम्मीद जग गई है। कोरोना वायरस के चलते कैदियों और बंदियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। अंबाला सेंट्रल जेल से अभी तक कुल 106 हावालातियों को रिहा किया जा चुका है। इसके अलावा दो कैदी भी रिहा चुके हैं। सभी हवालातियों को कोर्ट के आदेशों पर रिहा किया गया है। रिहा होने वालों में वह हावालाती शामिल हैं जो सात साल या इससे कम की सजा काट रहे थे। वहीं जो दो कैदी रिहा हुए हैं उन्हें रिहा करने के आदेश सोनीपत जिला मजिस्ट्रेट ने जारी किए थे। अभी तक अंबाला की सेंट्रल जेल में करीब 1350 कैदी और बंदी थे।