अंबाला सिटी के सेक्टर-7 स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर में चल रहे सवा करोड़ ओम नम: शिवाय मंत्र
अंबाला सिटी। परम ब्रह्म सदाशिव ने अपने शरीर से आदिशक्ति का सृजन किया। देवी आदिशक्ति ही पार्वती हैं। वह प्रकृति हैं, महामाया हैं, बुद्धित्व, विवेक की जननी तथा विकार रहित हैं। भगवान सदाशिव तथा आदिशक्ति के योग से ही ब्रह्मा, विष्णु और महेश की उत्पत्ति हुई। उपरोक्त शब्द सिटी के सेक्टर-7 स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर में चल रहे सवा करोड़ ओम नम: शिवाय मंत्र जाप कार्यक्रम में कथा व्यास पंडित भगवती प्रसाद पुरोहित ने कहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ पं. धर्मेन्द्र शर्मा व त्रिलोचन शर्मा ने विधिवत पूजन से करवाया। तत्पश्चात श्रीगणेश वंदना के साथ संगीतमयी कथा प्रारंभ की गई। पंडित भगवती प्रसाद पुरोहित ने कहा कि ब्रह्माजी ने वायुदेव को भगवान शिव की महिमा सुनाई थी। जिसमें कहा था कि भगवान शिव से ही पूरा संसार उद्भाषित हो रहा है। हम उनकी कृपा से विद्यमान हैं। हमारा अविर्भाव यानि कि जन्म तथा तिरोभाव यानि मृत्यु होती रहेगी, लेकिन भगवान अजर-अमर हैं। जिनकी कृपा से पूरी सृष्टि चल रही है। भगवान शिव मानों तो पूरे ब्रह्मांड के रचियता हैं। सृष्टि की प्रत्येक वस्तु भगवान शिव की देन है। इसलिए यह जो मनुष्य जीवन भगवान शिव ने दिया है। इसे व्यर्थ में न जाने देकर इसको अच्छे कर्मों में लगाना बहुत जरूरी है। कथा के समापन पर सभी भक्तों ने भगवान शिव की विधिवत अराधना की।