अंबाला। वित्त मंत्री के तौर पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा पेश किए गए बजट में कोई भी नया टैक्स न देने के फैसले को सभी ने खूब सराहा। दूसरी ओर, कारोबारियों में बड़ी सौगात न मिलने पर निराशा है। बजट को लेकर अमर उजाला से संवाद कार्यक्रम के तहत छावनी के सुभाष पार्क में जुड़े अलग-अलग वर्ग के सदस्यों ने प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने अंबाला में ई-लाइब्रेरी व खेल छात्रावास, पशु अस्पताल बनने को सराहा। गृहिणियां भी इस बजट को लेकर ज्यादा खुश नहीं दिखी। उनका कहना है कि महंगाई पर रोक की बजट से काफी उम्मीद थी। उसमें कुछ हाथ नहीं लगा।
जीएसटी में छूट नहीं मिली
कारोबारियों के लिए कोई बड़ी राहत नहीं है। साइंस कारोबार से जुड़े सामान पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगा हुआ है इसमें छूट मिलनी चाहिए। यह सामान एजुकेशन से संबंधित है, ऐसे में अधिक जीएसटी से कहीं न कहीं आम आदमी भी प्रभावित है। इसमें कटौती होनी चाहिए। छोटे कारोबारियों के लिए इनकम टैक्स स्लैब भी अधिक है, जो कम हो चाहिए। -सुधीर वर्मा, साइंस कारोबारी
टैक्स में छूट की उम्मीद थी
बजट से टैक्स में छूट को लेकर काफी उम्मीदें थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। थोड़ी राहत यह है कि कोई नया टैक्स नहीं लगाया। उनके सामान में इतना अधिक जीएसटी है कि उसका असर छोटे से लेकर बड़े कारोबारियों के अलावा आम जनता भी पड़ रहा है। टैक्स में छूट मिलती तो काफी राहत मिल सकती थी। -विक्रम चौधरी, प्रधान, द अंबाला साइंटिफिक इंस्टूमेंट मैनुफ्रेक्चर एसोसिएशन
नए प्रोजेक्ट से मिलती संजीवनी
चुनावों से पहले इस बजट से कारोबारियों को काफी उम्मीदें थी। कोई नया टैक्स नहीं लगा जो कारोबारियों के लिए कुछ राहत भरा है। साइंस इंडस्ट्री को कई नए प्रोजेक्टों की उम्मीद थी जो सीधा छोटे व बड़े कारोबारियों से जुड़े थे। उसको लेकर मांग पत्र भी सौंपा हुआ है। वो शुरू हो जाए तो यह कारोबारियों से लिए संजीवनी का काम करेगा -गौरव सोनी, जनरल सेक्रेटरी, असीमा
रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
महंगाई पर रोक लगाने के लिए कोई बड़ा कदम उठाना चाहिए था। अंबाला में जो विकास कार्यों की घोषणा हुई उससे काफी सुधार होगा और रोजगार के अवसर भी खुलेंगे। -पायल बेदी, गृहिणी
महंगाई पर नहीं लगी रोक
बजट से महंगाई पर रोकथाम की उम्मीद थी और उसमें कुछ हाथ नहीं लगा है। बुजुर्गों, दिव्यांगों व विधवा आदि की पेंशन में बढ़ोतरी से उन्हें थोड़ा सहारा मिलेगा। -सोनू, गृहिणी
फ्री कोचिंग से युवाओं को राहत
एक लाख रुपये तक की एनुअल इनकम वाले परिवारों के सरकारी कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को कंपीटीटिव एग्जाम की फ्री कोचिंग दी जाएगी। यह कोचिंग एक हजार छात्रों को मिलेगी। इससे युवाओं को काफी राहत मिलेगी। इसके अलावा यूनिवर्सिटी और मान्यता प्राप्त कॉलेजों में नए सेशन से इलेक्ट्रिक व्हीकल, मैन्युफैक्चरिंग, एविएशन, फार्मेसी और ग्रीन टेक्नोलॉजी से जुड़े सेंटर खोले जाने से भी युवाओं को रोजगार मिलेगा। -शुभम, युवा
टैक्स से टूटी कारोबारियों की कमर
टैक्स में कटौती की उम्मीद लगाए बैठे थे, ताकि कोरोना काल के बाद कारोबारियों को हुए नुकसान से थोड़ी राहत मिल सके। उस ओर कोई कदम नहीं उठाया गया। यह सीधा-सीधा छोटे व बड़े कारोबारियों से जुड़ा हुआ था। बजट में अंबाला के विकास कार्यों की घोषणा सराहनीय है। -प्रवेश कुमार सोबती, कारोबारी
ठीक ठाक है बजट
जीएसटी में थोड़ी रिबेट मिलनी चाहिए थी जो नहीं मिली है। कारोबारी का तो सीधा जुड़ाव टैक्स से होता है। इसलिए बजट में उसके शामिल होने की उम्मीद थी। ओवरऑल देखा जाए तो बजट ठीक था। -विनीत शर्मा, कारोबारी