अंबाला सिटी। सरकार की नीतियों से कर्मचारी वर्ग हमेशा ही परेशान रहता है। कर्मचारियों का कहना है कि चाहे वह सरकारी कर्मचारी हो या फिर निजी कंपनी का कर्मचारी, वेतन बढ़ोतरी से लेकर कर्मचारियों की भर्ती तक प्रत्येक वर्ष सरकार बड़े-बड़े वादे करती है।
चुनावों के बाद कर्मचारियों की सुध नहीं लेती। कर्मचारियों की मांग है कि निजी क्षेत्र की ओर भी सरकार ध्यान दें और उन्हें निशुल्क जीवन बीमा और टैक्स में छूट भी दें। वहीं, एचकेआरएन के तहत लगे कर्मचारियों ने कहा कि उनके वेतन में बढ़ोतरी के साथ नौकरी सुरक्षा की गारंटी दी जाए।
जीवन बीमा की मिले सुविधा
आईटी क्षेत्र में काम करने वाले अशोक कुमार ने बताया कि निजी क्षेत्र में इनकम टैक्स देने के बाद भी सरकार की ओर से खास सुविधाएं नहीं मिलती है। सरकार को कम से कम निजी क्षेत्र में काम करने वाले और इनकम टैक्स देने वालों को निशुल्क जीवन बीमा की सुविधा देनी चाहिए।
नौकरी की सुरक्षा जरूरी
एचकेआरएन के तहत स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत मुकेश कुमार ने बताया कि सरकार को उन्हें नौकरी सुरक्षा की गांरटी देनी चाहिए, जिससे वह भी अपना सिर उठा कर जीवन जी सके। इसके साथ ही वेतन में भी बढ़ोतरी होनी चाहिए।
कर्मचारियों की नियमित भर्ती जरूरी
एनएचएम कर्मी राकेश ने कहा कि विभिन्न सरकारी विभागों में सैंकड़ों पद खाली पड़े हैं। लेकिन अभी तक इतनी सरकारें आकर चली गई। अभी तक उन पदों को भरा नहीं गया है। इससे मौजूदा कर्मचारियाें पर काम का दबाव अधिक रहता है और काम की गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है। वहीं कर्मचारियों को भी कैशलेस उपचार की सुविधा मिलनी चाहिए।
न्यूनतम वेतन के नियम हो सख्त
निजी बैंक कर्मचारी बलिंद्र सिंह ने कहा कि निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों की ओर भी सरकार को ध्यान देने की जरूरत है। निजी क्षेत्रों में इतने वर्षों के बाद भी न्यूनतम वेतन के नियम सिर्फ कागजों में ही रह गए हैं।
आय कर सीमा का हो विस्तार
आईटी इंजीनियर अजय गुप्ता ने कहा कि आय कर में छूट की सीमा बढ़नी चाहिए। आयकर देने के बाद खर्चे पूरे नहीं हो पाते हैं। ऐसे में निजी क्षेत्रों के कर्मचारियों को परेशानी ही झेलनी पड़ती है।
सेवानिवृत के बाद मिले सुविधाएं
अकाउंटेंट हरदीप राणा ने कहा कि निजी कर्मचारियों को सामाजिक सम्मान के लिए सेवानिवृत के बाद जो लाभ दिए जाते हैं। उनमें सुधार ही आवश्यकता है। निजी कर्मचारियों को सेवानिवृत होने पर बहुत ही कम सुविधाएं मिलती हैं।
एनएचएम कर्मी राकेश
एनएचएम कर्मी राकेश
एनएचएम कर्मी राकेश
एनएचएम कर्मी राकेश
एनएचएम कर्मी राकेश