अंबाला सिटी। शहर के पंचायत भवन में जिला लोक संपर्क और कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता सहकारिता और जनस्वास्थ्य मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने की। उनके समक्ष 16 शिकायतें रखी गई। इनमें से 12 का निपटारा हो गया और चार शिकायतों को निपटाने के निर्देश दिए।
इसमें माजरी गांव के गुरमीत सिंह ने ने जीएसएस प्रेमनगर स्कूल के तत्कालीन प्रधानाचार्य पर स्कूल के कमरों की मरम्मत के नाम पर जारी ग्रांट में गबन का आरोप लगाया। इस पर मंत्री ने अधिकारियों को अगली बैठक में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
वहीं कई शिकायतें निगम से जुड़ी थीं। एमिनेंट सदस्य रामरत्न गर्ग ने कहा कि निगम में लोगों की सुनवाई नहीं होती। अधिकारी लोगों को गुमराह करते हैं। यही नहीं एमिनेंट सदस्यों ने अधिकारियों पर उनकी अनदेखी करने का आरोप भी लगाया कि एजेंडे से जुड़ी शिकायतों के लिए उनको पूछा तक नहीं जाता।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैठक होने के कुछ दिन पहले एमिनेंट सदस्यों की बैठक ली जाए। अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार करने के निर्देश दिए।
मलबा उठाने की गुहार पर बहस
रविदास बस्ती निवासी राजेंद्र कुमार ने बताया कि बस्ती में गोहर लगता है और रास्ते की जमीन पर कब्जा है। मामले में नगर निगम के डीएमसी दीपक सूरा ने मंत्री को बताया कि प्रार्थी की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए रास्ता साफ करा दिया। प्रार्थी ने सहमति भी दी है। प्रार्थी पर सड़क की मांग कर रहा है। यह क्षेत्र गैर मान्यता प्राप्त है। इस पर प्रार्थी ने कहा रास्ता खुला नहीं है। इस पर मलबा है। मंत्री ने इस मामले में डीएमसी को निर्देश दिए कि रास्ते में से मलबा उठवाएं। मंत्री ने जो भी अप्रूव्ड क्षेत्र है, उस बारे मुख्यालय से पत्राचार के लिए कहा।
नहीं हो रही दुकान की रजिस्ट्री
जंडली निवासी नोनीत पार्षद सुरेश कुमार कहा कि वह जंडली पुल के पास 30 वर्षों से पंचायत की दुकान पर किरायेदार के रूप में हैं और ये दुकानें निगम को अधिकृत कर दी हैं। स्वामित्व योजना के तहत उसने नियमानुसार दुकान की रजिस्ट्री कराने के बारे में ऑनलाइन अप्लाई किया है, लेकिन उसकी दुकान की रजिस्ट्री नहीं हो रही। डीएमसी दीपक सूरा ने मंत्री को बताया कि प्रार्थी की ओर से उपलब्ध कराई रसीदें साफ नहीं है और संबंधित प्रार्थी ने पिछले 13 साल से दुकान के किराये संबंधित रेंट की अदायगी भी नहीं की है। सहकारिता मंत्री ने इस मामले को नगर निगम के अधिकारियों से जांच के लिए कहा।
सेवानिवृत महिला को नहीं मिली ग्रेच्युटी
बराड़ा निवासी सुनीता रानी ने बताया कि वह ब्लॉक समिति बराड़ा से सेवानिवृत हुई है। उसे अभी तक ग्रेच्युटी का लाभ नहीं मिल सका। मामले में बीडीपीओ ने मंत्री को बताया कि ग्रेच्युटी के लिए मुख्यालय से पत्राचार किया है। पंचायत समिति की ओर से ग्रेच्युटी का लाभ दिए जाने का प्रावधान नहीं है। मंत्री ने प्रार्थी को कहा कि यदि ग्रेच्युटी का लाभ दिए जाने का प्रमाण है तो वह प्रस्तुत करें ताकि उसे इसका लाभ दिलवाया जा सके।
जमीन के कम इंतकाल की शिकायत
छावनी निवासी राजिंद्र कुमार ने उसकी जमीन से संबंधित नौ मरले की जगह का आठ मरले का इंतकाल करने की शिकायत रखी। संबंधित अधिकारी ने मंत्री को बताया कि इस मामले में इंतकाल के मुताबिक कार्य किया गया है। एसडीएम ने भी इस मामले में जांच की है।
ग्रेच्युटी के लिए मुख्यालय भेजी फाइल
रामा भल्ला के पति अमित भल्ला ने अपनी शिकायत में बताया कि वह दिल्ली पब्लिक स्कूल में अकाउंट्स मैनेजर के पद पर 2008 से तैनात थे। मजबूर होकर उन्हें इस पद से इस्तीफा देना पड़ा। स्कूल की ओर से उसके बच्चों की रिपोर्ट कार्ड और टीसी नहीं दिए जाने के साथ सिक्योरिटी राशि वापस नहीं दी है। मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने मंत्री को अवगत कराया कि प्रार्थी के बच्चों के टीसी और रिपोर्ट कार्ड दिला दिया है। लीव इन कैशमेंट और ग्रेच्युटी के लिए दोनों पक्षों को सुनकर संबंधित मामला मुख्यालय भिजवा दिया है।
कब्जाधारियों पर मारपीट का आरोप, जांच एसपी को
तेपला निवासी जुगल किशोर ने बताया कि ग्राम सरपंच तेपला के खिलाफ खसरा नंबर-120, 123 में खेलकूद के मैदान, वृद्धाश्रम और डिस्पेंसरी जगह पर नाजायज कब्जा है। इसकी शिकायत उसने सीएम विंडो पर भी दे रखी है। इसके साथ-साथ खसरा नंबर-109 में गांव की सड़क जो रिकाॅर्ड अनुसार 33 फुट चौड़ी है। उस पर भी नाजायज कब्जे हैं। उसने बैठक में आरोप लगाया कि जब विभाग के कर्मचारी निशानदेही कराने आए तो उक्त कब्जाधारियों ने उसके साथ बुरी तरह मारपीट की। पुलिस भी कार्रवाई की बजाए उस पर समझौता करने का दबाव बना रही है। इस मामले में उन्होंने एसपी को निर्देश दिए।
कमरों की मरम्मत की ग्रांट में गबन का आरोप
गांव माजरी निवासी गुरमीत सिंह ने तत्कालीन प्रधानाचार्य की ओर से जीएसएस प्रेमनगर स्कूल में कमरों की मरम्मत के नाम पर जारी ग्रांट का गबन कर किसी प्रकार की मरम्मत का कार्य न करवाने का आरोप लगाया। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि प्रार्थी की शिकायत पर इस मामले में बीईओ, डीपीसी, अकाउंट ऑफिसर व एसडीओ की अध्यक्षता में स्कूल मैनेजमेंट सदस्यों के साथ जांच करवाई गई है। रिकार्ड अनुसार उन्होंने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है। प्रार्थी द्वारा इस मामले में संतुष्टि जाहिर न करने पर सहकारिता मंत्री ने इस मामले में एमिनेंट सदस्य को नियुक्त करते हुए फिजिकल वेरिफिकेशन के साथ आगामी बैठक में रिपोर्ट देने बारे कहा।