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Ambala News: छह साल बाद रेलवे संगठनों की चुनावी प्रक्रिया शुरु

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अंबाला। छह साल से लंबित रेलवे संगठनों के चुनावों की तारीख घोषित हो गई। यह चुनाव 12 से 14 नवंबर तक गुप्त मतदान के माध्यम से होंगे। रेलवे ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। वहीं यूनियन पदाधिकारियों ने भी इस पर मंथन शुरू कर दिया है कि किस प्रकार इस बार ज्यादा से ज्यादा रेलवे कर्मचारियों को अपने पक्ष में किया जाए।
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यह चुनाव रेलवे संगठनों की मान्यता को लेकर बहुत अहम हैं और इस बार भी नार्दन रेलवे मेंस यूनियन (एनआरएमयू) और उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन (यूआरएमयू) की साख दांव पर है, वहीं उत्तर रेलवे कर्मचारी यूनियन (यूआरकेयू) भी मैदान में उतरने के लिए तैयार है।

रेलवे ने जारी की थी मतदाता सूची

रेलवे ने अगस्त माह के पहले सप्ताह में कर्मचारियों से जुड़ी मतदाता सूची को जारी किया था और इसे प्रत्येक जोन व मंडल में भेजा था ताकि सभी कर्मचारी इसके लिए तैयार हो सकें और सूची में अपना नाम देख सकें। मौजूदा समय में लगभग 13 लाख कर्मचारी रेलवे में कार्यरत हैं। अंबाला मंडल की बात करें तो रेलवे द्वारा जारी मतदाता सूची के तहत 14 हजार 876 कर्मचारी अपनी मनपसंद यूनियन को वोट देंगे। इसके तहत बूथों का निर्धारण भी शुरु हो गया है ताकि रेलवे कर्मचारी अपने नजदीकी बूथ पर जाकर मतदान कर सकें। इसकी सूची को लेकर भी जल्द ही जानकारी साझा की जाएगी।
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कर्मचारियों से संपर्क में तेजी

रेलवे में जिस यूनियन को मान्यता मिलती है, उसका वर्चस्व पूरे पांच वर्ष के लिए कायम रहता है और इस यूनियन के पदाधिकारी बेधड़क अपनी बात को रेलवे के उच्चाधिकारियों के समक्ष रख सकते हैं। इन्हें धरने-प्रदर्शन की भी छूट दी जाती है। मौजूदा समय में ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) के अधीन एनआरएमयू और नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे (एनएफआईआर) के अधीन यूआरएमयू को मतदान के आधार पर रेलवे की तरफ से मान्यता प्रदान है।

2013 में हुए थे चुनाव

रेलवे संगठनों की मान्यता से जुड़े चुनाव प्रत्येक पांच वर्ष बाद होते हैं। पहले चुनाव मई 2007 में हुए थे और इसमें एनआरएमयू ने 35 प्रतिशत वोट हासिल करके मान्यता प्राप्त की थी। दूसरी बार वर्ष 2013 में चुनाव हुए और इसमें 35 वोट हासिल करने वाली एनआरएमयू और यूआरएमयू को रेलवे संगठन के तौर पर मान्यता प्राप्त हुई थी। लेकिन तीसरी बार वर्ष 2019 में होने वाले चुनाव टाल दिए गए। पहले यह चुनाव लोकसभा चुनावों के कारण लंबित हो गए और फिर कोरोना की वजह से, हालांकि चुनावों को लेकर प्रत्येक वर्ष हलचल होती रही लेकिन तारीख का निर्धारण नहीं हो पाया था।
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रेलवे संगठनों की मान्यता से जुड़े चुनाव प्रत्येक कर्मचारी के लिए बहुत अहम होते हैं। इनका पिछले छह वर्षों से इंतजार हो रहा था जोकि अब खत्म हो गया है। 12 से 14 नवंबर के बीच मतदान से संबंधित प्रक्रिया होगी।

अशोक कुमार, मंडल अध्यक्ष, यूआरएमयू।

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चुनावों का इंतजार पिछले काफी लंबे समय से हो रहा था जोकि अब तय हो गया है। रेलवे कर्मचारी अपनी मनपसंद यूनियन को वोट कर पाएंगे। जनसंपर्क अभियान के तहत कर्मचारियों के साथ मंत्रणा की जा रही है।

हरनाम सिंह, मंडल अध्यक्ष, एनआरएमयू।

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चुनावों की तारीख घोषित होने से सभी यूनियनों में हलचल शुरू हो गई है। यह चुनाव प्रत्येक यूनियन के लिए विशेष महत्व रखते हैं। इसलिए प्रत्येक कर्मचारी से संपर्क साधना जरूरी हो जाता है।
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यादराम उपाध्याय, यूआरकेयू।
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