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चुनावी मुद्दा : सुंदरीकरण के नाम पर तोड़ जा रही सड़कें

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अंबाला। लाखों रुपये खर्च करके बनाई गई सड़कों को तोड़ना का चलन अंबाला छावनी के विकास में शुमार हो गया है। जब दिल किया अनुमानित लागत तैयार की और निविदा लगाकर ठेका जारी कर दिया।
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ऐसे हालात सदर बाजार की सड़कों को देखकर सहज ही लगाया जा सकता है जाे पहले इंटरलॉकिंग टाइल्स से बनाई गई थी और सही हालात में थी, फिर सुंदरीकरण के नाम पर इसे तोड़कर अब तारकोल मिश्रण से बना दिया गया है। जबकि इसके आसपास अनाजमंडी, हनुमान मार्केट, बजाजा बाजार सड़कें पूर्व की तरह इंटरलॉकिंग टाइल्स से बनी और सही हालात में हैं।
प्राप्त जानकारी अनुसार नगर परिषद ने सदर क्षेत्र की 10 अन्य सड़कों का भी खाका तैयार किया है जोकि आचार संहिता हटते ही निविदा में परिवर्तित हो जाएंगी और फिर इसका भी ठेका कर दिया जाएगा।
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12 क्राॅस रोड की सही सड़क भी तोड़ी
सुभाष पार्क से आलू गोदाम और आलू गोदाम से 12 क्राॅस रोड की सड़क को भी नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। हालांकि सड़क निर्माण की रफ्तार काफी धीमी है लेकिन यह सड़क भी लाखों रुपये की लागत से इंटरलॉकिंग टाइल्स से बनाई गई थी और अधिकतर जगह से दुरुस्त भी थी, लेकिन सुंदरीकरण के नाम पर इसकी बलि भी चढ़ा दी गई। हैरानी की बात है कि सड़क के बीचोंबीच खड़े बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मर को हटाए बिना ही सड़क का निर्माण कर दिया गया है जोकि आने वाले समय में वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का कारण बनेंगे।
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विकास के नाम पर अंबाला छावनी का सत्यनाश कर दिया गया है। बाजार आने वाले सभी रास्ते बंद हैं। तीन माह से कबाड़ी बाजार की पुलिया तोड़ रखी है, 12 क्रॉस रोड खुदी हुई है। लोग व व्यापारी हैरान-परेशान हैं। आखिर कहां जाएं। कभी बिजली वाले आ जाते हैं, कभी पानी को कभी नगर परिषद के अधिकारी। हाल-बेहाल है और काम-धंधा चौपट होता जा रहा है।
अजय गुलाटी, दुकानदार।
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मिल के पीछे रहते हैं और स्कूल के बच्चों सहित अन्य सवारियों को लेकर सड़कों पर चलते हैं। लेकिन अंबाला छावनी की सड़कें चारों तरफ से टूटी पड़ी हैं जो बनी हैं, उन पर वाहन इतने हैं कि घंटों जाम की समस्या झेलनी पड़ती है। कहीं कोई सुनने वाला नहीं है। अगर किसी से कुछ बोलो तो वो मारने के लिए दौड़ता है। इसलिए चल रहे हैं चुपचाप।
सोनू, ई-रिक्शा चालक।
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विकास के नाम पर छावनी का सत्यनाश कर दिया गया है। जहां देखो सड़कें खुदी पड़ी हैं। सुंदरीकरण के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये बर्बाद किए जा रहे हैं, लेकिन कोई पूछने वाला नहीं है। अगर सड़कों को तारकोल आदि से बनाना था तो फिर इंटरलॉकिंग टाइल्स से सड़कों का निर्माण क्यों किया गया, यह भी जांच का विषय है।
सुरेश त्रेहन, पूर्व पार्षद कांग्रेस।
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विकास कार्याें को करने में कुछ बाधा तो आती है और लोगों को परेशानी भी होती है, लेकिन जब विकास कार्य पूरा हो जाता है तो इससे लोगों को काफी राहत मिलती है। अंबाला छावनी का जो स्वरूप अब नजर आ रहा है वो कांग्रेस के शासनकाल में कहीं नहीं थी। अब पूरा क्षेत्र सुख-सुविधाओं से संपन्न है। कुछ काम हैं जो चल रहे हैं और वो भी जल्द पूरे हो जाएंगे।
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सन्नी तुली, पूर्व पार्षद कैंट बोर्ड, भाजपा।
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