फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चुनावी मुद्दा : टांगरी नदी में अतिक्रमण, खुदाई और तटबंध की समस्या बरकरार

विज्ञापन
विज्ञापन
अंबाला। टांगरी नदी में अतिक्रमण, खुदाई और तटबंध की समस्या एक बार फिर विधानसभा चुनावों का मुख्य मुद्दा होगा। टांगरी नदी किनारे रहने वाले लोग इस मुद्दे को लेकर हमेशा से अपनी आवाज बुलंद करते नजर आएं हैं, बावजूद इसके किसी भी सरकार ने इन समस्याओं को गंभीरता से हल करने का प्रावधान नहीं किया। यह कार्य दौरों तक ही सीमित होकर रह गया, जबकि आज भी लोग डर के साए में जी रहे हैं। मानसून शुरु होते ही लोगों की परेशानी बढ़ जाती है, लेकिन समस्या समाधान करने वाले अधिकारी नदारद हैं। हालांकि हरियाणा के पूर्व गृहमंत्री कई बार विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं कि टांगरी नदी को 500 फुट तक गहरा करें, किनारों पर तटबंध बनाएं और नदी के अंदर जो झाड़ियां व घास-फूस है, उसे साफ करें, लेकिन मात्र खानापूर्ति करके इस कार्य को निपटा दिया जाता है और जब पहाड़ों में बारिश होती है तो उस समय ये परेशानियां बाढ़ का रूप धारण कर लेती हैं। बावजूद इसके आजतक इस समस्या का कोई भी स्थाई समाधान नहीं हो पाया। जैसे ही बारिश या फिर टांगरी में पानी आने की सूचना लोगों को मिलती है तो वो अस्थाई ठिकाने की तलाश में इधर-उधर भटकने लगते हैं। यह समस्या टांगरी नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए जी का जंजाल बन चुकी हैं और इसका समाधान आजतक नहीं हो पाया है।
विज्ञापन


जब छोटे होते थे, तब से सुन रहे हैं कि टांगरी नदी से आने वाले पानी को रोकने के लिए पक्के तटबंध बनाए जाएंगे। नदी को गहरा किया जाएगा, लेकिन आजतक ऐसा कुछ नहीं हुआ। दिखावे के नाम पर हलचल होती है जो कुछ दिनों में बंद हो जाती है।
रामवती, स्थानीय निवासी।
बरसों से सुन रहे हैं कि सरकारी प्रशासन तंत्र ने टांगरी के किनारों को मजबूत करने की योजना तैयार की है, लेकिन धरातल पर प्रबंध नाममात्र हैं। लोगों ने टांगरी नदी के अंदर ही अतिक्रमण कर लिया है, इसे रोकने वाला कोई नहीं है।
विज्ञापन

राहुल, स्थानीय निवासी।
पहाड़ों में जब बारिश होती है तो टांगरी नदी रौद्र रूप धारण कर लेती है। हर बार ऐसा होता है। लेकिन इस समस्या से निजात दिलवाने के लिए आजतक किसी भी सरकार व प्रशासन ने कुछ नहीं किया। लोगों को एकजुट होकर इस समस्या का समाधान करवाना चाहिए।
विज्ञापन

सोनू,स्थानीय निवासी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें