अंबाला। मानसून की दस्तक के बाद इंडस्टि्यल एरिया में हजारों करोड़ की इंडस्ट्री पर मंडरा रहे बाढ़ को खतरे को दूर करने की कवायद तेज हो गई है। एक ओर जहां सिंचाई विभाग की तरफ से टांगरी नदी पर इस ओर बांध बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है।
यह तीन से चार फीट तक इंडस्टि्रयल एरिया के ठीक बाहर हाईवे के बीच बनाए जा रहे हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि आसपास की कॉलोनियों में जलभराव होने के बाद सारा पानी टांगरी में न जाकर इंडस्टि्रयल एरिया में मार करता है जबकि टांगरी उफान पर आती है तो वो पानी भी इसी में मार करता है।इसको ध्यान में रखते हुए इस बांध का निर्माण किया जा रहा है। इसका काम तेजी से चल रहा है। दरअसल, छावनी के इंडस्टि्रयल एरिया में दर्जनों छोटी-बड़ी फैक्टरी है।
सात प्वाइंट कमजोर मिले तो आरसीसी से किया जा रहा पक्का
दरअसल, हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम के प्रबंध निदेशक चंडीगढ़ सुशील सारवान ने गत दिवस इंडस्ट्रियल एरिया में दौरा किया था। इस एरिया के चारों ओर ऊंचाई को बढ़ाने का काम करवाया था। वहीं, सात प्वाइंट कमजोर लगे थे, उस स्थान पर 2.4 मीटर ऊंचाई की आरसीसी से पक्का करने के लिए संबंधित ठेकेदार को तेजी से काम करने के निर्देश दिए थे। उस पर भी काम चल रहा है जबकि कारोबारियों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री नायब सैनी से भी मुलाकात की थी।
निचला एरिया होने के कारण हो जाता है जलभराव, करोड़ों का हो चुका नुकसान
दरअसल, इंडस्टि्रयल एरिया काफी नीचा है। अंबाला-जगाधरी राजमार्ग से भी नीचा है। यहीं कारण है कि भारी बरसात हो या फिर बाढ़ की स्थिति तो जलभराव हो जाता है। ऐसे में साइंस कारोबारियों का भारी नुकसान होता है। पिछली बाढ़ ने भी काफी तबाही मचाई थी। कारोबारियों की मशीनें डूबने के साथ-साथ गाड़ियां तक डूब गई थी। जबकि अभी तक उन्हें मुआवजा तक नहीं मिला।
अंबाला छावनी के इंडस्टि्रयल एरिया में मिट्टी डालकर बनाया अस्थाई मिट्टी का बांध