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Ambala News: सिर्फ ओपीडी तक सिमटा नशा छुड़वाने का प्रयास

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अंशु शर्मा
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अंबाला। नशा छुड़वाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के तमाम दावे महज सरकारी अस्पतालों की ओपीडी तक ही सिमट कर रह गए हैं। जिले में भले ही निजी नशा मुक्ति केंद्रों की भरमार हो, लेकिन सिर्फ अंबाला सिटी नागरिक अस्पताल में ही सरकारी नशा मुक्ति केंद्र है। स्थिति यह है कि पहले अस्पताल में ही मनोरोग विशेषज्ञ के पास 10 बेड की अलग से बिल्डिंग थी। उसमें नशे के मरीजों को रखा जाता था। करीब डेढ़ साल पहले हुई शिफ्टिंग के बाद अब नशा मुक्ति केंद्र एक कमरे तक सिमट कर रह गया है। ऐसे में किसी मरीज को दाखिल करना पड़ जाए तो खुद का वार्ड तक नहीं है।
नागरिक अस्पताल के मानसिक रोग विशेषज्ञों की ओपीडी में मानसिक रूप से परेशान, दौरे पड़ने के अलावा सबसे ज्यादा नशे के मरीज आते हैं। इनमें स्मैक, नशीली दवाओं के सेवन, शराब, अफीम आदि से ग्रस्त मरीज होते हैं। यहां दो डॉक्टर नशा करने वाले, मानसिक रूप से परेशान और दौरे पड़ने वालों की ओपीडी चला रहे हैं, लेकिन मरीजों को भर्ती करने के इंतजाम नहीं हैं। केवल इमरजेंसी में ही सामान्य मरीजों के बीच उन्हें रखने का दावा किया जाता है, हालांकि जब पता किया कि किसी मरीज को फिलहाल दाखिल किया गया है तो कोई जवाब नहीं मिला। शायद यही कारण है कि मानकों के विपरीत धड़ल्ले से जिले में नशा मुक्ति केंद्र संचालित हो रहे हैं, जहां काफी संख्या में मरीज भी भर्ती हैं। अधिकतर केंद्रों में मरीजों को नशा छुड़ाने के नाम पर न सिर्फ प्रताड़ित किया जाता है, बल्कि परिजनों से मोटी रकम भी वसूल की जाती है। मटहेड़ी गांव में अवैध रूप से चल रहे नशा मुक्ति केंद्र का खुलासा होने पर मिले युवकों ने भी इस दर्द को बयां किया। उनका कहना था कि अगर सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं मिल जाएं तो उनके परिवारों को हजारों रुपये न खर्च करने पड़े और उन्हें भी परेशानी न झेलनी पड़े।
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अवैध नशा मुक्ति केंद्र पकड़े जाने पर विभाग ने जारी की मान्य केंद्रों की सूची

मटहेड़ी गांव में अवैध नशा मुक्ति केंद्र पकड़े जाने पर स्वास्थ्य विभाग ने अंबाला जिले में 17 सेंटरों को ही मान्य बताया है। इनमें आठ अंबाला सिटी, छह अंबाला कैंट, दो बराड़ा, एक नारायणगढ़ में हैं। अंबाला सिटी में श्री कृष्ण अस्पताल, डीसीएच अंबाला सिटी, माइंड केयर अस्पताल, जीवन नशा मुक्ति, हेल्थ ट्रस्ट अस्पताल, संजीव वेलफेयर सोसायटी, न्यू डि्म्स फाउंडेशन, कल्याण सोसायटी। इसके अलावा अंबाला कैंट में लाइफ फाउंडेशन वेलफेयर, फाउंडेशन मंडौर, सुकुन अस्पताल एडवांसड, गुरु कृपा फाउंडेशन, उम्मीद फाउंडेशन, दशमेश सोशल वेलफेयर सोसायटी। बराड़ा में लक्ष्य फाउंडेशन, एमएम इंस्टीट्यूट रिसर्च मुलाना और नारायणगढ़ में भूषण माइंड केयर अस्पताल हैं।
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सिटी नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग के बनने के बाद उसमें नशा मुक्ति केंद्र के बेड दिए जाएंगे। तब तक ओपीडी में नशा छुड़वाने के लिए आने वाले मरीजों को ट्रामा सेंटर के इमरजेंसी वार्ड में दाखिल कर दिया जाता है। अभी अलग से कोई वार्ड नहीं है। इसके अलावा निजी नशा मुक्ति केंद्रों में उनकी तरफ से एक-एक बेड दिया जाता है, जिसमें उनकी तरफ से तीन मरीजों का निशुल्क उपचार करवाया जा रहा है।
- डॉ. राजिंद्र राय, एसएमओ, अंबाला
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