सीएचसी बराड़ा में मेडिकल ऑफिसरों के स्वीकृत छह पदों में से दो पद लंबे समय से रिक्त पडे़ हैं। जिससे लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। अस्पताल में रेडियोग्राफर न होने से लाखों की एक्स-रे मशीन धूल फांक रही है। इधर मुलाना सीएचसी की स्थिति इससे और खराब है। यहां भी रेडियोग्राफर नहीं है। लोगों को एक्सरे कराने के लिए 35 से 40 किमी दूर अंबाला या यमुनानगर जाना पड़ता है। अन्यथा प्राईवेट अस्पतालों में शुल्क देकर एक्सरा कराना पड़ रहा है।
मुलाना सीएचसी में आठ पद नर्सिंग ऑफिसर के स्वीकृत हैं। जिनमें से पांच पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा सामान्य लैब टेक्नीशियन का एक पद भी खाली पड़ा है। क्षेत्रवासी प्रवीन, अमन, ईशू, नमन, अखिल व नीरज का कहना है कि शासन द्वारा बराड़ा सीएचसी के भवन तो बनाए गए हैं लेकिन डॉक्टरों और तकनीकी कर्मियों की कमी के चलते लोगों के लिए ये सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। लोगों की परेशानियों को देखते हुए शासन और सरकार ने इनमें डॉक्टरों के रिक्त पद भरे जाने चाहिए।
इन अस्पतालों में रेडियोग्राफर न होने से एक्स -रे मशीन होने के बावजूद लोगों को निजी अस्पताल में जाकर महंगे दामों में एक्स-रे करवाने पड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार को सीएचसी बराड़ा व मुलाना में डॉक्टरों व रेडियोग्राफर और नर्सिंग स्टाफ का उचित प्रबंध करना चाहिए।
मुलाना सीएचसी में नर्सिंग स्टॉफ व रेडियोग्राफर के खाली पदों के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। उम्मीद है कि जल्दी ही खाली पद भरे जाएंगे।
डॉ. कुलदीप, एसएमओ, सीएचसी, मुलाना।
बराड़ा सीएचसी में एम (मेडिकल ऑफिसर) के दो पद व रेडियोग्राफर का एक पद रिक्त है। इसके बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। जल्दी ही पद भरे जाएंगे।
डॉ. प्रतीक शर्मा, एसएमओ, सीएचसी, बराड़ा।