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ड्रोन से होगी हिंडोलों में विराजमान भगवान वामन पर पुष्पवर्षा

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नौरंगराय तालाब, जहां भगवान वामन द्वादशी के विभिन्न स्वरूपों की परिक्रमा होगी। संवाद - फोटो : Ambala
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मोहन सैनी
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अंबाला सिटी। उत्तर भारत में प्रख्यात श्री वामन द्वादशी मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस वर्ष यह मेला पांच से सात सितंबर तक चलेगा, जिसमें विभिन्न राज्यों के हजारों श्रद्धालु यहां हिंडोलों में विराजमान भगवान वामन के दर्शन के लिए उमडे़ंगे। शहर के विभिन्न मंदिरों से भगवान के पांच हिंडोले शोभायात्रा के साथ पंडाल में पहुंचेंगे। इस दौरान ड्रोन से पुष्पवर्षा की जाएगी। मेले का आयोजन श्री सनातन धर्म सभा अंबाला शहर करेगी।
सभा के प्रधान एवं मेला संयोजक नरेश अग्रवाल ने बताया कि बीते वर्षों की भांति इस बार भी वामन द्वादशी मेले का आयोजन भव्य ढंग से होगा। इस बार अंबाला सिटी की गुड़ मंडी में भगवान के विभिन्न स्वरूपों के पांच हिंडोले सजाकर स्थापित किए जाएंगे। इसके भव्य पंडाल भी सजाया जा रहा है। इसी प्रकार विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों के लिए अंबाला सिटी की पुरानी अनाज मंडी में व्यवस्था की जाएगी, क्योंकि बीते वर्षों में ये कार्यक्रम गुड़ मंडी में हुआ करते थे। सभा ने तीन दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर ली है। मेले को लेकर न केवल सभा के सदस्यों बल्कि शहरवासियों में खासा उत्साह दिख रहा है। संवाद
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पहले दिन पांच हिंडोलों में विराजेंगे भगवान वामन
पांच सितंबर को सर्वप्रथम सुबह करीब आठ बजे पुरानी अनाज मंडी में भूमि पूजन किया जाएगा। जिसमें अंबाला सिटी के प्रसिद्ध विद्वानों की ओर से मंत्रोच्चारण कर भूमि पूजन का कार्यक्रम संपन्न करवाया जाएगा। करीब 10 बजे बड़ा ठाकुरद्वारा नौरंगराय सरोवर से बैंड बाजों के साथ शोभायात्रा का शुभारंभ किया जाएगा। यह शोभायात्रा अंबाला सिटी के बड़ा ठाकुरद्वारा से शुरू होगी, जिसमें भगवान एक हिंडोले में विराजेंगे। इसी तरह श्री राधे श्याम मंदिर से एक हिंडोला, कलाल माजरी मंदिर से दो हिंडोले व नौहरियान मंदिर से भगवान वामन का एक हिंडोला तैयार होगा। इस तरह ये पांचों हिंडोले भव्य शोभायात्रा के साथ सिटी गुड़ मंडी में सजाए गए भव्य पंडाल में दर्शन के लिए विराजमान होंगे। इसी दिन दोपहर दो बजे से रात्रि 11 बजे तक भजन संकीर्तन मंडलियों की ओर से से यहां भगवान के विभिन्न अवतारों की महिमा का गुणगान किया जाएगा। रात्रि आठ बजे विश्व विख्यात गायक व पद्मश्री हंसराज हंस प्रस्तुति देंगे। इस कार्यक्रम में विशेष तौर पर हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे।
दूसरे दिन रहेगा ‘राोशनी’ का आकर्षण
छह सितंबर को भी भगवान के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ जु़टी रहेगी। सिटी विधायक असीम गोयल की अध्यक्षता में रात्रि आठ से 11 बजे तक भजन संकीर्तन, आतिशबाजी से रंग-बिरंगी रोशनी का कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। इसी दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी जारी रहेगा। रात्रि आठ से 11 बजे तक कविता गोंदियाल व पवन गोंदियाल की ओर से विशेष प्रस्तुति देंगे। इस दौरान हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय विशेष मुख्य अतिथि के रुप में शिरकत करेंगे।
तीसरे दिन भगवान वामन का जलविहार
सात सितंबर को सुबह आठ से 11 बजे तक भजन कीर्तन का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसी दौरान पुरानी अनाज मंडी में करीब 9 बजे से कुश्तियों का कार्यक्रम होगा। जिसमें अंबाला सहित विभिन्न राज्यों के पहलवान दमखम दिखाएंगे। कुश्तियों के पश्चात विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा। यह शोभायात्रा दोपहर एक बजे से प्रारंभ की जाएगी जो देर रात नौरंगराय तालाब पर पहुंचेगी। जहां भगवान वामन के पांचों हिंडोलों को जलविहार करवाया जाएगा। यह नजारा देखने के लिए भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। जलविहार के बाद सभी हिंडोलों को मध्यरात्रि उन्हीं मंदिरों में विराजमान किया जाएगा, जहां से पहले दिन उन्हें उठाया जाएगा। उन मंदिरों में हिंडोलों की भव्य आरती होगी।
भगवान वामन की कथा
कथा के अनुसार वामन द्वादशी के दिन भगवान विष्णु ने वामन के रूप में पांचवां अवतार लिया था। भगवान विष्णु का मानव रूप में यह पहला अवतार माना गया है। वामन द्वादशी कथा का उल्लेख श्रीमद्भागवत पुराण में विस्तार पूर्वक किया गया है। वामन अवतार कथा अनुसार एक बार देवों और दैत्यों में युद्ध हो गया। इस युद्ध में देवता दैत्य बली से युद्ध हार गए। इसके बाद देवों के राजा इंद्र भगवान विष्णु की शरण में पहुंचे। जिसके बाद भगवान विष्णु देवों की रक्षा करने का आश्वासन देते हैं और भगवान विष्णु वामन रुप में माता अदिति के गर्भ से उत्पन्न होने का वचन दे देते हैं। तब भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की द्वादशी के दिन अदिति के गर्भ से भगवान विष्णु प्रकट होकर अवतार लेते हैं तथा ब्राह्मण-ब्रह्मचारी का रूप धारण करते हैं। महर्षि कश्यप ऋषियों के साथ उनका उपनयन संस्कार करते हैं। वामन को महर्षि पुलह ने यज्ञोपवीत, अगस्त्य ने मृगचर्म, मरीचि ने पलाश दंड, आंगिरस ने वस्त्र, सूर्य ने छत्र, भृगु ने खड़ाऊं, गुरु देव ने जनेऊ तथा कमंडल, अदिति ने कोपीन, सरस्वती ने रुद्राक्ष माला तथा कुबेर ने भिक्षा पात्र प्रदान किए जाने के बाद भगवान वामन पिता से आज्ञा लेकर बलि के पास जाते हैं। राजा बली नर्मदा के उतर तट पर अंतिम अश्वमेध यज्ञ कर रहे होते हैं। इसके बाद वामन ने अपना भेष बदलकर राजा बलि के यहां भिक्षा मांगने पहुंचते हैं। वामन रुप में श्री विष्णु ने भिक्षा में बली से तीन पग भूमि मांगते हैं। राजा बलि अपने वचन पर अडिग रहते हुए, श्री विष्णु को तीन पग भूमि दान में दे देते हैं। वामन रूप में भगवान ने एक पग में स्वर्ग ओर दूसरे पग में पृथ्वी को नाप लिया और अभी तीसरा पैर रखना शेष था। ऐसे मे राजा बलि अपना वचन निभाते हुए अपना सिर भगवान के आगे रख देते हैं और वामन भगवान के पैर रखते ही, राजा बलि परलोक पहुंच जाते हैं। बलि द्वारा वचन पालन करने से भगवान विष्णु प्रसन्न हो जाते हैं और बली को पाताल लोक का स्वामी बना देते हैं। इसके बाद वामन देवों को पुन: स्वर्ग सौंप देते हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रहेगी धूम
शोभायात्रा के दौरान अंबाला सिटी के जीआरएसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल व एसबीएन मॉडल स्कूल के बच्चों की ओर से पंजाबी भांगड़ा, लेजियम प्रतियोगिता, डंबल प्रतियोगिता व शिक्षा से संबंधित झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी। बच्चों को इन प्रतियोगिताओं की तैयारियां अनुभवी कोच की ओर से करवाई जा रही हैं। - सोहन लाल, पखंदा, सचिव, मेला वामन द्वादशी कमेटी।
नौ फुट तक भरेंगे तालाब
अंबाला सिटी के बड़ा ठाकुरद्वारा स्थित नौरंगराय तालाब की सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जा चुकी है। नौरंगराय तालाब में छह फीट पानी की व्यवस्था की जा चुकी है। पानी को साफ करने का कार्य चल रहा है। सात सितंबर को जलविहार के दिन तालाब में नौ फीट तक पानी की व्यवस्था की जाएगी, ताकि परिक्रमा करने वाले बेड़ा को किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो। - कुलभूषण गोयल, कोषाध्यक्ष।
बाजारों में सजेंगे प्रशाद के पंडाल
भव्य समारोह को लेकर सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। मेले में दुकान सजाने के लिए भी इंतजाम रहेगा। शोभायात्रा के दौरान ड्रोन के माध्यम से पुष्पों की वर्षा की जाएगी। इस बार शोभायात्रा का कार्यक्रम मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगी। शोभायात्रा के दौरान बाजारों के विभिन्न स्थानों पर भक्तों की ओर से प्रशाद के पंडाल सजाए जाएंगे। - नरेश अग्रवाल, प्रधान श्री सनातन धर्म सभा।
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शहर में दे रहे न्योता
तीन दिवसीय इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों की भी अहम भूमिका रहेगी। अंबाला जिला के प्रशासनिक अधिकारी भी कार्यक्रम में विशेष तौर पर शिरकत करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर संस्था के सभी पदाधिकारी शहर भर में निमंत्रण पत्र वितरित कर रहे हैं। इस विशाल समारोह में अंबाला शहर की सभी संस्थाओं के पदाधिकारी विशेष तौर पर शिरकत करेंगे। - अरविंद अग्रवाल लक्की, सह सहयोजक प्रधान मेला वामन द्वादशी।

अंबाला सिटी के नौरंगराय तालाब की सफाई करते निगम कर्मचारी। संवाद- फोटो : Ambala

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