अंबाला। विश्वस्तरीय कालका-शिमला सेक्शन पर सफर करना प्रत्येक व्यक्ति का ख्वाब होता है कि वो टॉय ट्रेन में सफर करते हुए प्राकृतिक सौंदर्य को निहार सकेगा, लेकिन यह टॉय ट्रेन सैलानियों की परेशानी का सबब बनने लगी हैं और वो भी उस समय जब गर्मी के मौसम में इन टॉय ट्रेनों में पैर रखने की भी जगह नहीं होती।
ऐसे में सैलानियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी पीड़ा रेलमंत्री और अंबाला मंडल के रेल प्रबंधक से साझा करते हुए बताया कि टॉय ट्रेन की खिड़कियाें पर धूल-मिट्टी जमी हुई है, वहीं शौचालय में भी पानी की व्यवस्था नहीं है और सफाई का भी बुरा हाल है। लगातार दो से तीन शिकायतों के बाद रेलवे हरकत में आ गया है और मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) ने खुद इस मामले पर संज्ञान लेते हुए विभागीय अधिकारियों को फटकार लगाई है।
धूल से सने शीशे वाले कोच
कालका-शिमला रेल सेक्शन पर पूर्व में चल रही विस्टाडोम कोच से लैस टॉय ट्रेनों की भी हालत खस्ता होती जा रही है। प्राकृतिक नजारे देखने के लिए छत और खिड़कियों पर लगाए गए शीशे धूल-मिट्टी से सने हैं। सैलानियों ने बाकायदा विस्टाडोम कोच के बदहाली की फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर डाली है।
नए कोच और ट्रेन का इंतजार
पिछले दिनों कालका-शिमला रेल सेक्शन पर कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री में तैयार किए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित विस्टाडोम कोच व हाइड्रोलिक मल्टीपल यूनिट का परीक्षण किया गया था। अधिकारियों ने उम्मीद जताई थी इस गर्मी के मौसम में नए विस्टाडोम कोच व नई ट्रेन इस रेल सेक्शन की शोभा बढ़ाएगी, लेकिन अभी भी यह योजना ठंडे बस्ते में चल रही है।
वर्जन
कालका-शिमला रेल सेक्शन पर चलने वाली टॉय ट्रेन को लेकर कुछ यात्रियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायत भेजी है। इस पर तुरंत प्रभाव से संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वो साफ-सफाई का विशेष तौर पर ध्यान रखें। इसके अलावा नए कोच व ट्रेन को लेकर भी प्रक्रिया जारी है। जैसे ही इसके संचालन की जानकारी मिलेगी तो वो साझा कर दी जाएगी।
नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।