अंबाला। अंबाला रेल मंडल अधिकारियों के व्हाट्सएप पर लीक हुए पेपर को लेकर रेल प्रबंधक मंदीप सिंह भाटिया सख्ती के मूड में हैं। उन्होंने इस मामले में किसी प्रकार की विजिलेंस जांच से साफ तौर पर इन्कार किया है। उनका कहना है कि अभी वह अपने स्तर पर मामले की जांच कर रहे हैं। ऐसे में विजिलेंस को मामला सौंपने की कोई जरूरत नहीं है। यह विभाग की आंतरिक परीक्षा थी न कि रेलवे बोर्ड की।
इस पदोन्नति परीक्षा को पास करने वाले चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को ही वाणिज्य विभाग में तृतीय श्रेणी के तहत पदोन्नत किया जाना था। इसमें किसी प्रकार के शक की कोई गुंजाइश नहीं रह गई और यह एक अंजाने में की गई गलती है न कि जानबूझकर की गई। हालांकि इस मामले को लेकर अब ज्यादा सख्ती बरती जाएगी, ताकि दोबारा इस प्रकार की गलती न हो और परीक्षा का सही व सुचारु ढंग से संचालन हो सके।
आज बुलाई जाएगी विशेष बैठक
डीआरएम ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर सोमवार को मंडल रेल कार्यालय में एक विशेष बैठक भी बुलाई गई है, ताकि विभागीय अधिकारियों से मंथन किया जा सके और आगामी पदोन्नति परीक्षा को लेकर तारीख की घोषणा भी की जाएगी।
क्या है पेपर लीक प्रकरण
अंबाला रेल मंडल के अधीन पदोन्नति परीक्षा लेने की योजना तैयार की गई थी जो 25 व 27 सितंबर को होनी थी। परीक्षा के लिए पेपर को तैयार करने की जिम्मेदारी वाणिज्य विभाग के एक अधिकारी को सौंपी गई। उन्होंने 21 सितंबर को पेपर तैयार कर दिया। उनसे एक गलती हो गई कि पेपर को उच्चाधिकारियों के पास भेजने की बजाए गलती से रेलवे के एक ग्रुप में डाल दिया।
सोशल मीडिया पर भी डाल दिया था पेपर
जब तक संबंधित अधिकारी को इस गलती का एहसास होता तब तक इस पेपर को किसी रेल कर्मचारी ने सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। हालांकि उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला आते ही इसे तुरंत ग्रुप से हटा दिया गया। वहीं पेपर के अंदर सभी प्रश्नों को भी पूरी तरह से बदल दिया गया, ताकि किसी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश न रहे और पदोन्नति परीक्षा में कोई विघ्न न आए।