अंबाला। हरियाणा के पूर्व गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज दोपहर करीब तीन बजे अंबाला छावनी में चल रही नालों की सफाई और टांगरी बांध से निकाली जा रही मिट्टी का मुआयना करने के लिए पहुंचे। यहां अधिकांश जगह हालात काफी बद्दतर नजर आए। इस दौरान मुख्य नालों में गंदगी देख पूर्व गृहमंत्री ने नाराजगी जताई। इस दौरान उन्होंने कृषि विभाग सहित नगर परिषद के मुख्य सफाई निरीक्षक को जमकर फटकार लगाई।
उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर वो मंत्री होते तो बताते कि कैसे और किस प्रकार से काम होता है। हालांकि जल्द ही उन्होंने अपनी नाराजगी पर काबू पाया और संबंधित विभागीय अधिकारियों को तीन दिन के अंदर नालों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करवाने के निर्देश दिए। उनके साथ अंबाला उपायुक्त डॉ शालीन व सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
गौरतलब है कि वीरवार को अमर उजाला के माई सिटी में छावनी के नालों में गंदगी की पड़ताल को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। निरीक्षण के दौरान पूर्व गृहमंत्री सबसे पहले महाराज ढाबे के नजदीक गुड़गुड़िया नाले के पास पहुंचे। यहां कुछ गंदगी देखकर उन्होंने कृषि और रेलवे अधिकारियों से मंत्रणा की और उन्हें अंतिम छोर तक नाले की सफाई करवाने के निर्देश दिए ताकि बारिश के दौरान इस मुख्य नाले से पानी की निकासी समुचित ढंग से हो सके। इसके बाद मोची मंडी में जब पूर्व मंत्री का काफिला रुका तो वे यहां नाले के हालात देखकर सभी हैरान रह गए। नाले में गाद और गंदगी फंसी हुई थी। जबकि इस नाले के नजदीक ही कुछ समय पहले अंडरग्राउंड पानी की पाइपलाइन बिछाई गई थी। यहां गंदगी देखकर उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वो काम को पूरी निष्ठा से करें।
पूर्व गृहमंत्री जब हाथीखाना मंदिर के पास 12 क्रास रोड पर नाले के निरीक्षण पर पहुंचे तो यहां सफाई व्यवस्था को देखकर उन्होंने संबंधित अधिकारी से पूछा की पानी की निकासी किस तरफ है तो वो जवाब नहीं दे पाया। जब पूर्व मंत्री ने कहा कि उन्हें पता है कि यहां से पानी उल्टी दिशा में बहता है जोकि बारिश के दौरान जलभराव का कारण बनता है। इसलिए यहां से एक अंडरग्राउंड पाइप लाइन बिछाई जाए ताकि यहां का पानी छावनी क्षेत्र से सीधा बाहर निकल जाए। मिल के पीछे निकल रहे मुख्य नाले में गंदगी देखकर पूर्व गृहमंत्री ने नाराजगी जाहिर की और उपायुक्त को यहां के हालात दिखाए। कृषि विभाग के अधिकारी को यहां जल्द सफाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद पूर्व मंत्री का काफिला ग्वालमंडी पहुंचा तो यहां नाला गंदगी और बदबू से अटा पड़ा था। जब उन्होंने नगर परिषद के मुख्य सफाई निरीक्षक से नाले में गंदगी का कारण पूछा तो उसने बताया कि स्थानीय लोग नाले में गोबर डाल देते हैं,तब मंत्री ने मुख्य सफाई को फटकार लगाते हुए कहा कि उन्हें पता है कि गंदगी और गोबर में क्या फर्क है। इतने बुरे हालात में यहां लोग रहते हैं और खाना बनाते हैं।
केडी अस्पताल के पास पहुंचकर पूर्व गृहमंत्री विज ने नाले का निरीक्षण किया तो यहां जेसीबी की मदद से नाले को साफ करने का कार्य चल रहा था। उन्होंने मौके पर ही मौजूद भाजपा पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां-जहां पर आज निरीक्षण हुआ है, अगर वहां सफाई नहीं होती तो वो इसकी जानकारी उन्हें दें। ग्वालमंडी निरीक्षण पर पहुंचे पूर्व गृहमंत्री अनिल विज के समक्ष स्थानीय निवासियों ने गुहार लगाई कि उनके क्षेत्र में न तो बिजली आ रही है और न ही पानी। उन्होंने तुरंत बिजली विभाग के एक्सईएन और जनस्वास्थ्य विभाग को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इस त्वरित कार्यवाही के लिए स्थानीय निवासियों ने विधायक का आभार व्यक्त किया।
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चंदपुरा और टांगरी का किया निरीक्षण
चंदपुरा और टांगरी का निरीक्षण करने पहुंचे पूर्व गृहमंत्री को स्थानीय लोगों ने बताया कि टांगरी नदी में झाड़ियां और मिट्टी आदि का स्तर काफी ऊंचा है। इसे साफ करने के लिए गंभीरता से काम करने की जरूरत है। इसी प्रकार टांगरी नदी पर निरीक्षण के दौरान उन्हें एक मशीन खोदाई करती नजर आई। इस पर उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि चंदपुरा और टांगरी को 500 फुट तक दोनों बांधों तक खुदाई करें और यहां मशीनों की संख्या में भी बढ़ोतरी करें ताकि बारिश से पहले सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हो सकें।
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24 करोड़ से बनेगा नाला
बारिश से पहले सभी संबंधित विभागों ने काम करना शुरु कर दिया है और हमारा प्रयास ये है कि बारिश का पानी लोगों की संपत्ति को नुकसान न पहुंचाए और अपनी सीमा में रहे। इसलिए आज सभी प्वाइंट्स देखे गए हैं। इसमें गुड़गुड़िया नाला, महेशनगर ड्रेन, बीडी फलोर का नाला, सुभाष पार्क, टांगरी को देखा है। इसे गहरा कर दिया जाए और मिट्टी साइडों में मिट्टी डाल दी जाए। कोशिश ये है कि इस बार बाढ़ से नुकसान न हो। किसी को भी पानी की निकासी में बाधा नहीं डालने दी जाएगी। महेशनगर ड्रेन का आईआईटी रुड़की से डिजाइन तैयार करवाया है। नगर परिषद 24 करोड़ रुपये दे रही है। इसकी चिट्ठी आ गई है, एक-दो दिन में भुगतान कर दिया जाएगा। इसके बनने से बाढ़ के पानी की निकासी में काफी मदद मिलेगी।
अनिल विज, पूर्व गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री