अंबाला। इमिग्रेशन सेंटरों को कानून के दायरे में लाने के लिए हरियाणा पुलिस ने बड़ी तेजी दिखाई है। प्रदेश में लोगों को विदेश भेजने के नाम पर ठगी के मामले बढ़ते देख गृहमंत्री अनिल विज ने नियमों का ड्राफ्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे। इस ड्राफ्ट को सख्त नियमों से लैस कर आईजी अंबाला की तरफ से महानिदेशक पुलिस के पास भेज दिया गया है।
अब डीजी के हस्ताक्षर के बाद प्रदेश सरकार बाकायदा एक अधिसूचना के जरिए इस ड्राफ्ट को पास करेगी और पुलिस इसे प्रदेशभर में लागू कराएगा। खास बात यह है कि गृहमंत्री के निर्देश के बाद रिकॉर्ड समय में इस ड्राफ्ट को तैयार किया गया। जिसमें नियमों को सख्त बनाया गया है।
प्रत्येक इमिग्रेशन सेंटर को कराना होगा पंजीकरण
दरअसल, इमिग्रेशन सेंटर वह होते हैं जो लोगों को विदेश भेजने के लिए उनकी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा कराते हैं। प्रदेश में अभी तक सात ही इमिग्रेशन सेंटर ऐसे हैं जो भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा स्वीकृत हैं। ऐसे में नए ड्राफ्ट के अनुसार प्रत्येक इमिग्रेशन सेंटर को अपना पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण के नियमों को भी सख्त बनाया है, ताकि सही सेंटर संचालक ही इस प्रक्रिया को पूरा कर सकें। इसमें अगर किसी पर पहले एफआईआर दर्ज है तो उनके लिए मुश्किलें बढ़ने की संभावना है। हालांकि, आधिकारिक रूप से ड्राफ्ट की अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि किन-किन नियमों को इसमें शामिल किया गया है। इसके अलावा हरियाणा ऐसा राज्य होगा जो सुनिश्चित करेगा कि कोई भी विदेश जाए तो नियमानुसार तरीके से जाए।
ड्राफ्ट बनाने का क्यों लेना पड़ा निर्णय
दरअसल, यह ड्राफ्ट तैयार करने का निर्णय इसलिए भी लेना पड़ा, क्योंकि प्रदेश में लगातार विदेश भेजने के नाम पर ठगी के मामले सामने आ रहे थे। इसको लेकर गृहमंत्री अनिल विज के निर्देश पर एक एसआईटी भी बनानी पड़ी। वहीं एसआईटी ने जब इन मामलों को देखा तो यह बड़ी मात्रा में सामने आए। लोगों से अवैध इमिग्रेशन सेंटर की आड़ में करोड़ों रुपये ठगे जा रहे हैं। पुलिस इन मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच भी कर रही है, जिस पर एसआईटी नजर बनाए हुए है।
हमने इमिग्रेशन सेंटरों के लिए ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। जिसे अप्रूवल के लिए डीजी कार्यालय भेजा गया है, जहां से सरकार की अनुमति से यह ड्राफ्ट जल्द ही पारित किया जाएगा। -सिवास कविराज, आईजी, अंबाला रेंज